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आम्रपाली ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा, कोर्ट के कड़े सवालो से लौटी सीएफओ की ‘याददाश्त’

Amrapali

आम्रपाली ग्रुप मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सी एफ ओ) और आंतरिक ऑडिटरों से कड़े सवाल पूछे और आदेश दिया कि कंपनी सी एम डी और इसके दो अन्य निदेशक नोएडा में एक होटल में पुलिस की निगरानी में रहेंगे।

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सुप्रीम कोर्ट की पिछली सुनवाई में आम्रपाली ग्रुप फॉरेंसिक ऑडिटर के धनराशि के साइफन मामलों के सवालों के जवाब ‘याद नहीं आ रहा’ देने वाले सीएफओ पर जब सुप्रीम कोर्ट का डंडा चला था तो सब याद आ गया। शुक्रवार को कोर्ट ने सब कड़े शब्दों में सीएफओ व ऑडिटरों से सवाल पूछे तो सब याद आने लगा ऐसा तब हुआ जब कोर्ट ने कहा की हम आपकी याददाश्त वापस लाने की कोशिश करेंगे। वही कोर्ट ने मेमोरी टेस्ट के लिए उन्हें तलब भी किया, अगली सुनवाई में सीएफओ व ऑडिटरों की याददाश्त वापस आने लगी।

आम्रपाली को दस्तावेज़ जमा कराने के लिया मिले सिर्फ 24 घंटे

सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों को सिर्फ 24 घण्टे का वक़्त दिया है। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के ऑडिटर को आदेश दिया है की कंपनी से जुड़े सभी दस्तावेज़ 24 घंटे के भीतर कोर्ट के द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर्स को सौंपे वरना कड़ी करवाई करी जा सकती है।

पुरे मामले पर कोर्ट ने 23 ”मुखौटा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जिनके बारे में आम्रपली ग्रुप ने विशेष प्रयोजन वाली कंपनियां होने का दावा किया। न्यायालय ने इन कंपनियों के गठन और बैंक खातों का ब्योरा भी कोर्ट में जमा कराने को कहा है। इसने आम्रपाली समूह से कहा कि वह 2008 से कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी लैपटॉप, कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंप दे।

कोर्ट ने कहा की इस बार याददाश्त खोने का कोई बहाना नहीं चलेगा अगर मामले में या दस्तावेज़ जमा करने में देरी पाई गई तो न्यायालय ने उन्हें चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर उन्हें जेल जाना होगा।


आईसीएआई ने जारी किया आम्रपाली ग्रुप के ऑडिटरों को नोटिस

चार्टर्ड अकाउंटेंट का शीर्ष संगठन आईसीएआई ने आम्रपाली समूह के ऑडिटरों को नोटिस जारी किया है। आईसीएआई ने यह नोटिस विभिन्न खबरों और न्यायालय के विभिन्न अंतरिम आदेशों के आधार पर जारी किया है जिसमे आईसीएआई यह कहा है की उसने 2008 से 2015 के दौरान और इसके बाद की अवधि के लिए आम्रपाली के ऑडिटरों को स्वत: संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। संगठन ने एक बयान में कहा, आईसीएआई मामले की गहन जांच करेगा और ऑडिटरों द्वारा किए गए गलत कार्यों की तेजी से जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

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