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चंद्रशेखर आजाद की रिहाई के लिए सहारनपुर में भीम आर्मी की ललकार

वो कहते है मारों पीटो मंदिर मस्जिद याद करो,
हम कहते है बेघर, बेदर लोगों को आबाद करो

चंद्रशेखर आज़ाद को रिहा करो,

दलित मुस्लिम पर अत्याचार बंद करो
चंद्रशेखर आज़ाद को रिहा किए जाने, उनके जेल स्थानातरण पर रोक लगाने, इलाहाबाद में हुई दलित छात्र दिलीप सरोज की हत्या के विरोध, हरियाणा में दलित महिलाओं के साथ हुई रेप की घटनाओं व फौजी के परिवार के उत्पीड़न के विरोध, समेत कई मुद्दों को लेकर भीम आर्मी, भारत एकता मिशन के संयोजन में हुई विशाल जनसभा की शुरूआत राष्ट्रगान से हुई. इसके बाद सभा में उपस्थित पूरे जन समुदाय ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पढ़कर देश के संवैधानिक ढ़ांचे को षडयंत्रकारी सामंतवादी,मनुवादी और पूंजीवादी शक्तियों से बचाने की शपथ ली. शपथ में संविधान के दायरे में रहकर और मानवतावादी समानता,स्वतंत्रता और न्याय पर आधरित समाज की स्थापना करने का भी प्रण लिया गया.

सभा में जिलाधिाकरी को सभा की अनुमति देने के लिए धन्यवाद किया गया. भारतीय संविधान में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को सुरक्षित और सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका की सराहना की गई. सभा में देशभर से भारी संख्या में जन समुदाय शामिल हुआ और चंद्रशेखर व भीम आर्मी को अपना नैतिक और सामाजिक समर्थन दिया.

सभा में उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी महक सिंह ने जेल में बंद भीम आर्मी, भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद का देश के नाम संदेश भी पढ़ा.

इस संदेश में चंद्रशेखर ने देश के युवाओं व तमाम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि , कुछ था दिल में आप सब से कहना है आज समय है कहने का कि मैं एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद आपसे कोई शिकायकत नहीं करता हूं मैं आपका खून हूं जो कर रहा हूं अपने समाज व बाबा साहेब, साहेब कांशीराम जी के मिशन के लिए कर रहा हूं. यह किसी पर अहसान नहीं हैं. बस जो आग साहेब कांशीराम व बाबा साहेब और बहुजन महापुरूषों को पढ़कर दिल में लगी थी. उसके लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया है….प्रधानमंत्री जी से आप सब के माध्यम से कहना चाहता हूं कि गुजरात जहां से आप हैं, के पाटन जिले के भाई भानु बनकर जब लोगों को उनकी ज़मीन नही दिला सके तो उन्होंने आत्मदाह कर लिया आपकी सरकार आंखे मूंदे देखती रही….. जब आप अपने प्रदेश के दलितों का भला नहीं कर सकते,उनको न्याय नहीं दे सकते तो पूरे देश के दलितों को तो क्या न्याय दे पाएंगे. ऐसे गुजरात मॉडल को आप पूरे देश पर लागू करना चाहते हैं. आपको शर्म आनी चाहिए…मुस्लिम भाईयों ने इस देश की आजादी में बहुत कुबार्नी दी है. जिसका इतिहास मिटा दिया गया है. ….आज उनसे वतन के वफादार होने के सबूत मांगे जा रहे हैं क्योंकि कल के देशद्रोही आज वतन के वफादार बने बैठे हैं. हम इन जहरीले लोगों को देश तोड़ने नहीं देंगे. यह देश हमारा है आप दंगे चाहते हैं मैं अमन चाहता हूं. आप तोड़ना चाहते हैं मैं देश को जोड़ना चाहता हूं क्योंकि मेरी लड़ाई किसी जाति या मजहब से नहीं हैं बस उन से है जो अमन चैन नहीं चाहते हैं.

सभा में अपने संबोधन में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह ने कहा ​कि यह देश संविधान से चलता है न कि मनुवादी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की नीतियों पर, इस देश के हर नागरिक ने सामंतवादी,बाह्मणवादी और पूंजीवादी व्यवस्था को नकार कर लोकतांत्रिक समाजवादी जीवन शैली को चुना है. लेकिन आरएसएस और इसकी सहयोगी शक्तियां देश के संविधान को बदलने के लिए आमादा हो गई है. वह कानून और व्यवस्था के नाम पर आज मनुवादी सोच को लागू करने की साजिशें कर रही हैं. इसका एक सबसे बढ़ा उदाहरण है कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद को बिना किसी ठोस सबूतों के जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बंद ही नहीं किया हुआ बल्कि इसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है. यही नहीं प्रदेश का योगी शासन चंद्रशेखर को सहारनपुर से कहीं और स्थानांतरित करने का दबाब भी लगातार बना रहा है. गौरतलब है कि राज्य व केंद्र की मनुवादी सरकार की इच्छा के विपरीत चंद्रशेखर को तमाम केसों में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

इसी मनुवादी सरकार ने आज तक करणी सेना या भीमा कोरेंगांव के अपराधियों को सज़ा नहीं दी है. यह सरकार इनका संरक्षण कर रही है. हम इस प्रतिरोध सभा के माध्यम से इस सामंती सरकार को बताना चाहते हैं कि वह बाबा साहेब के संविधान के अनुसार काम करे. अन्यथा महात्मा फुले और बाबा साहेब के अनुयायी भीम आर्मी के सैनिक पूरे देश में जन जागरण अभियान चलाएंगे,रचनात्मक और संवैधानिक प्रतिरोध के रास्ते अख़्तियार करेंगे.

हम आर एस एस की मुनवादी सोच को संवैधानिक दायरों में रहकर मुंह तोड़ जवाब देंगे.

अतिथि अध्यक्ष मंडल की ओर बोलते हुए पूर्व आईजी एस आर दारापुरी ने कहा कि भीम आर्मी समेत देश सभी आंबेडकरवादी संगठन किसी जाति विशेष, धर्म विशेष या वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं वह संविधान के अनुसार देश की जीवन शैली जीने के लिए प्रतिबद्ध है. समर्पित हैं. इसीलिए भीम आर्मी का पूरा नाम भीम आर्मी भारत एकता मिशन है. दारापुरी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश सांप्रदायिक और बाह्मणवादी शक्तियों के चंगुल में फंसता दिख रहा है. सो देश के हर जिम्मेदार नागरिक का यह फर्ज़ बनता है कि वह इन मानवता विरोधी ताकतों के खिलाफ खड़ा हो. चंद्रशेखर आज़ाद आज इसी लड़ाई का एक सशक्त प्रतीक बनकर हमारे सामने आया है. इसीलिए चंद्रशेखर पर रासुका लगाना देश पर रासुका लगाने जैसा है.

हम,सरकार की इस असंवैधानिक भावना का विरोध करते हैं और देश के राष्ट्रपति से गुजारिश करते हैं कि वह इस बात का संज्ञान ले और चंद्रशेखर को जल्द से जल्द रिहा करे.इसके साथ हम देश में दलितों,आदिवासियों ,अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर होने वाले हर शोषण व अत्याचार का पुरजोर तरीके से विरोध करते है और इस सभा के माध्यम से सरकार को बताना चाहते है कि वह जनता की शक्ति को कमजोर न समझे और संविधान का सम्मान करे.

इस मौके पर बोलते हुए पूर्व आईपीएस पृथ्वीराज ने कहा कि​ इस देश व हमारे संविधान को यह बाह्मणवादी शक्ति पंगु बनाना चाहतीहैं. हम यह होने नहीं देंगे और हर संवैधानिक तरीके से इसका विरोध करेंगे. आज देश के विश्वविद्यालयों में घुटन का ऐसा मा​हौल तैयार किया जा रहा है कि हमारे बहुजन समाज के रोहित वेमुला जैसे छात्रों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है. दरअसल यह आत्महत्या नहीं सांस्थानिक हत्या है. यही अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं. उनके भय और असुरक्षा का माहौल बनाया जा रहा है. मॉब लिंचिंग की घटनाएं इस बात की गवाह है कि किस तरह गो रक्षा के नाम पर देश के संवैधानिक मूल्यों की हत्या की जा रही है. इस सब के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार इनको प्रोत्साहित ​कर रही है. करणी सेना और बजरंग दल के आसामाजिक तत्व खुले आम कानून और व्यवस्था की धज्ज्यिां उड़ा रहे हैं और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है. दूसरी ओर र्निदोष चंद्रशेखर व भीमआर्मी के साथियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर उनका मनोबल तोड़ने की साजिशें रची जा रही है. लेकिन हम इस फासीवादी सरकार को बता देना चाहता है कि इस देश का हर जिम्मेदार नागरिक चंद्रशेखर के साथ खड़ा है और सरकार कितना जोर जुल्म क्यों करें हम झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं.

हम इस मनुवादी और फासीवादी गठजोड़ को खत्म करके ही चैन से बैठेंगे. हम इस सभा के माध्यम से पूरे देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि यह देश मनुवाद और फासीवादी हर साजिश का मुंह तोड़ जवाब देगा. हम देश के राष्ट्रपति से गुहार करते हैं कि पूरे देश में बहुजन उत्पीड़न की घटनाओं का संज्ञान ले और सरकारों को इनकी रोकथाम के लिए उचित कार्रवाई का र्निदेश दें.

सभा को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के सहारनपुर जिला अध्यक्ष कमल सिंह वालियां ने कहा कि भीम आर्मी एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है. यह मूल उद्देश्य समाज के सबसे वंचित तबकों तक शिक्षा का प्रसार प्रचार करना है. इसीलिए हमने लगभग तीन भीम पाठशालाएं खोली हैं. जिसे आज प्रदेश सरकार दबाव डालकर बंद करना चाहती है. हमने भाई चंद्रेशखर के र्निदेश समय समय पर रक्त दान शिविर आयोजित किए हैं. हमने गरीब लड़कियों की शादी सामा​ज की मदद से संपन्न कराई हैं.

इसीलिए जब सरकार भाई चंद्रशेखर समेत भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को कानून और व्यवस्था के लिए खतरा बताती है तो हमें हंसी आती है. इस सरकार को बजरंग दल, आरएसएस जैसे घोर सांप्रदायिक और संविधान विरोधी संगठनों से कोई परेशानी नहीं होती जबकि हम जैसे संविधान और बाबा साहेब के रास्ते पर चलने वाले संगठनों से उसे परेशानी होती है. यह गलत है. अन्यायपूर्ण है. हम इस अन्याय का हर तरीके से विरोध करते है और करते रहेंगे.

सभा का संचालन करते हुए भीम आर्मी के युवा नेता सन्नी गौतम ने कहा कि हम इस सभा के माध्यम से सरकार को बताना चाहते है कि सरकार संविधान का पालन करे और हमारे नेता चंद्रशेखर को तुरंत रिहा करें.

सभा को संबोधित करते हुए बहुजन बुद्धिजीवी संजय तेगवाल ने कहा कि आज देश को सबसे ज्यादा खतरा इन सामंतवादी और पूंजीवादी ताकतों हैं. ये ताकतें आज देश के लोकतंत्र के हर खंबे को तहस नहस करना चाहती हैं. हम फुले और अंबेडकर की संताने यह होने नहीं देंगी. हम इनका विरोध ही नहीं करेंगे बल्कि जनता में इनके खतरनाक मंसूबों को नंगा भी करेंगे.

सभा में देवबंद के जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का दलित मुस्लिम एकता का संदेश भी पढ़ा गया.

जनसभा के अंत में सामूहिक तौर पर एक ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति,केंद्र और राज्य सरकार के लिए जारी किया गया जिसमें चंद्रशेखर को तुरंत रिहा करने व दलितो, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं के उपर हो रहे अत्याचार व शोषण के खिलाफ लड़ने की बात कही गई.

कार्यक्रम का धन्वाद ज्ञापन कमल सिहं वालियां ने दिया.

(भीम आर्मी,भारत एकता मिशन) साभार- सबरंग इंडिया

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