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भीम आर्मी के सीनियर नेता के भाई की हत्या, सहारनपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद

पिछले साल आज ही के दिन महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर साठ से अधिक दलितों के घर जला दिए गए थे। जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश समेत देशभर से विरोध की आवाजें सामने आने लगीं थी। इस घटना के बाद दलितों के लिए संघर्ष कर रही भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को विलेन बना लिया गया और उन्हें रासुका के तहत जेल में बंद किया गया है। वहीं खबर सामने आ रही है कि भीम आर्मी के सहारनपुर जिला अध्यक्ष सचिन वालिया के भाई को गोली मार दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सचिन वालिया को महाराणा प्रताप जयंती स्थल से कुछ ही दूरी पर गोली लगी। जिसके तुरंत बाद उसे जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि, गोली कैसे लगी या किसने मारी इसका पता अभी नहीं चल सका है। सचिन के परिजनों का आरोप है कि उसकी गोली मारकर हत्या की गई है।

सचिन के मौत के बाद भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों को जिले में तैनात कर दिया गया है और सहारनपुर जिले की इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया है।

दरअसल भीम आर्मी ने महाराणा प्रताप जयंती न मानने की चेतावनी दी थी। सचिन घर से नाश्ता लेने निकला था तभी उसे गोली मार दी गई, लेकिन गोली मारने वाले का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते वक्त काफी विरोध किया परिजनों का आरोप है कि महाराणा प्रताप जयंती न मानने की चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने अनुमति दी थी। महाराणा प्रताप भवन पर 800 पुलिसकर्मी तैनात थे और सिर्फ 200 लोगों को जयंती मनाने की अनुमति दी गई थी।

दैनिक भास्कर के अनुसार एक सप्ताह पहले भीम आर्मी एकता मिशन ने एसएसपी को पत्र देकर गुहार लगाई थी कि जब विगत आंबेडकर जयंती को दलितों को जयंती मनाने की अनुमति नहीं दी गई थी तो किसी दूसरे अन्य समाज के लोगों को भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति प्रदान न की जाए।

राजपूत समुदाय ने नौ मई को जयंती मनाने की अनुमति मांगी थी। जिला प्रशासन ने महाराणा प्रताप भवन को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही थी, लेकिन राजपूत समाज महाराणा प्रताप भवन में ही कार्यक्रम आयोजित करने पर अड़ा रहा, जिस पर केवल 200 लोगों को जयंती मनाने की अनुमति तय कार्यक्रम स्थल पर दी गई।

पिछले साल भी सहारनपुर जनपद में महाराणा प्रताप जयंती के जुलूस निकाले जाने के बाद जातीय हिंसा भड़क गई थी। जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों घायल हो गए थे। शब्बीरपुर गांव में दलितों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया था।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक सहारनपुर के जिलाधिकारी पीके पांडेय और वरिशष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार मौके पर पहुंच कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने बताया कि भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन को महाराणा प्रताप जयंती स्थल से कुछ दूरी पर गोली लगी। इसके बाद सचिन को तुरंत जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुमार ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नही है कि सचिन को गोली कैसे लगी। मामले की इसकी जांच की जा रही है। पुलिस इस घटना को हत्या नहीं मान रही है जबकि मृतक के परिजनों का आरोप है कि सचिन की गोली मारकर हत्या की गई है।

सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने जहां एक तरफ महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित समारोह को आनन-फानन में रोक दिया है वही पूरे जिले में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि वह किसी भी तरह के अफवाह पर विश्वास न करें।

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