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भीमराव अंबेडकर के पोते ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, विधानसभा चुनाव से पहले नयी पार्टियों के गठन को बताया चुनावी चाल

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(Image Credits: The Indian Express)

प्रकाश अंबेडकर पूर्व लोकसभा सांसद और डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि, 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जो भी नयी पार्टियों का गठन हुआ है। उन सब के पीछे भाजपा का हाथ है।

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उन्होंने कहा है कि, “राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले नयी पार्टियों के गठन के पीछे भाजपा की चाल है। प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों के मन में कहीं न कहीं रोष है। नयी पार्टियों के गठन के जरिये इस रोष को दबाने की कोशिश की जा रही है, ताकि भाजपा के विरोधी दलों को चुनावों में फायदा न मिल सके। ” अंबेडकर ने कहा, “मैं यह बात हालांकि दावे के साथ नहीं कह रहा हूं लेकिन मुझे पता चला है कि आगामी चुनावों से पहले 42 सियासी पार्टियां गठित की गयी हैं।”

राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान “दलितों के मसीहा” की महू स्थित जन्मस्थली पर बने हुये डॉ. भीमराव अंबेडकर कि स्मारक में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं को लगातार देखा जा सकता है। इस बात के विषय में पूर्व लोकसभा सांसद ने किसी भी पार्टी के नेताओं का नाम लिए बिना कहा, “यह ज्यादा अच्छा होगा कि सियासी नेता अंबेडकर स्मारक जाने की चुनावी नौटंकी करने के बजाय संविधान निर्माता के विचारों के सामने मत्था टेकें. ऐसा दिखावा करने वाले सियासी नेताओं की सोच अंबेडकर की विचारधारा से अलग है।”

प्रकाश अंबेडकर ने आगे कहा कि, “बाबा साहब केवल दलितों के आदर्श नहीं, बल्कि देश की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था के निर्माता रहे हैं। सियासी नेता बाबा साहब को मिली इज्जत को चुनावी दौर में भुनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन आम जनता बेवकूफ नहीं है और वह इन लोगों की हकीकत जानती है।”

प्रकाश अंबेडकर कहते है कि बाबा साहब अंबेडकर दलितों के सिर्फ आदर्श ही नहीं है। बल्कि भारत देश के संविधान के निर्माता भी रहें हैं। राजनीति में सियासी नेता बाबा साहब अंबेडकर द्वारा हासिल की गई इज्जत को अपने फायदे के लिए चुनाव में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन भारत की आम जनता इतनी मूर्ख नहीं हैं वह इन सभी लोगों की सचाई को भली भातिं समझती है।


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