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सबरीमाला पर अमित शाह के विवादित बयान से भड़की बसपा सुप्रीमो मायावती, कहा अमित शाह का बयान लोकतंत्र के लिए खतरा

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सबरीमाला पर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केरल के कन्नूर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विवादित बयान दिए जिसपर बसपा सुप्रीमो ने अमित शाह के बयान पर पलट वार करते हुए अमित शाह के बयान को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

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आपको बता दे की शनिवार को केरल के कन्नूर में यह बयान अमित शाह की ओर से आया उन्होंने कहा की पार्टी हमेशा भगवान अयप्पा के भक्तों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने सबरीमाला मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लिए गए फैसले का विरोध करते हुए कहा की अदालत को वही फैसले सुनाने चाहिए, जिनका पालन हो सके। भाजपा अध्यक्ष ने शनिवार को कहा, ‘सरकार और कोर्ट को आस्था से जुड़े मामलों में फैसले सुनाने से बचना चाहिए। ऐसे आदेश नहीं देने चाहिए जो लोगों की आस्था का सम्मान नहीं कर सकें।

इस विवादित बयान पर मायावती ने अमित शाह पर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा की बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का बयान अति निंदनीय है। न्यायालय को इस बयान को संज्ञान में लेना चाहिए। केंद्र में भाजपा की सरकार है और उनके पार्टी अध्यक्ष के मुँह से दिए गए बयान से साफ़ जाहिर होता है की देश का लोकतंत्र खतरे में है।

मायावती ने हाल ही में चल रहे सीबीआई मामले पर भी बोला उन्होंने कहा क‍ि सीबीआई, सीवीसी, ईडी, आरबीआई जैसी अहम स्वायत्तशासी संस्थाओं में जो गंभीर संकट का दौर चल रहा है, वह सरकार के अहंकार का ही दुष्परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा की देश सविधान से चलता है और हमेशा देश इसी सविधान के आधार पर ही चलेगा। इसके बावजूद भी सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष उत्तेजक भाषणबाजी करके अपनी राजनीती की रोटियां सेकने का निरंतर प्रयास कर रहे है।

अमित शाह ने शनिवार को सबरीमाला मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल करते हुए कहा था की कहा कि ‘अदालत के फैसले के नाम पर परंपराओं को तोड़ने की कोशिश करने वालों को बता दूं कि देशभर में कई मंदिर हैं जो अलग-अलग परंपराओं से चलते हैं। हिंदू धर्म ने कभी महिलाओं के साथ अन्याय नहीं किया, बल्कि उनको देवी मानकर पूजा की है।’


वही मायावती ने कहा की ‘अमित शाह इतना भड़काऊ और असंवैधानिक भाषण देकर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हो रहे चुनावों में धर्म का इस्‍तेमाल करना चाहते हैं।’

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