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SC-ST एक्ट में संशोधन पर मोदी सरकार की चुप्पी के खिलाफ देशभर में गूंज रहा, ‘जय भीम- जय भीम’

नई दिल्लीः एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ दलित संगठन आज देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं. भारत बंद के आह्वान पर देश के अलग-अलग शहरों में दलित संगठन और उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं. कई जगह ट्रेनें रोकी गई हैं. इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव हुए थे. केंद्र सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि अदालत में इस मामले पर मजबूती से पक्ष नहीं रखा गया. हालांकि, सरकार अब इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने जा रही है.

दलित सगंठनों के विरोध के बीच कई भाजपा सांसदों के अलावा कई राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार से इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की थी. जिसेक बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया था. पंजाब में दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान किसी भी प्रकार के हिंसा या अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए सेना की तैनाती की गई है. इसके साथ ही बठिंडा में बड़ी संख्या में बीएसएफ व पंजाब पुलिस के जवानों को 2 दिन पहले ही तैयार कर दिया गया था. किसी भी प्रकार की अफवाह ना फैले और आम नागरिकों को नुकसान न हो इसके लिए राज्य में इंटरनेट की सहित मोबाइल सेवाएं बंद रखी जाएंगी और साथ ही राज्य सभी स्कूल बंद रखे जाएंगे.

दलित संगठनों के भारत बंद को देखते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार ने सोमवार को होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पंजाब शिक्षा निदेशालय की मांग पर रविवार देर रात इसकी आधिकारिक घोषणा की है. सीबीएसई का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर बोर्ड ने यह फैसला लिया है. जिसके बाद दोनों पेपर की तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी.

दलित संगठनों के 2 अप्रैल के भारत बंद को छत्तीगढ़ में कांग्रेस ने समर्थन देने का फैसला किया है तो दूसरी तरफ हरियाणा में ऑल हरियाणा एससी इम्पलाइज फेडरेशन और एससी समाज के तमाम प्रतिनिधियों ने सोमवार को भारत बंद के विशाल प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात सहित देश के कई राज्यों में इस भारत बंद को जोरदार समर्थन मिल रहा है जिसके चलते राज्य सरकारों को सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम करने पड़े हैं.

ये है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था. कोर्ट ने कहा था कि SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो. साथ ही केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा. कोर्ट ने कहा, कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एकजुट हुए दलित संगठनों की दलील है कि कोर्ट के इस फैसले से ये एक्ट कमज़ोर होगा. दलित संगठनों ने महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, यूपी, गुजरात और दिल्ली समेत कई राज्यों के दलितों से आज बुलाए गए बंद में शामिल होने की अपील की है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में संशोधन किए जाने के बाद इस फैसले के विरोध में कई सामाजिक संगठन सामाने आ गए हैं.

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