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सो कॉल्ड एजुकेटेड का जातिवाद देखिए- जातीय शोषण से तंग आकर मेडिकल स्टूडेंट ने की सुसाइड की कोशिश

अहमदाबाद। देश को आजाद हुए भले ही 70 साल हो गए हों लेकिन जातिवाद की जड़ें अभी भी बहुत गहरी हैं. यह जातिवाद सिर्फ ग्रामीण इलाकों में ही नहीं है बल्कि पढ़े लिखे लोगों के दिमाग में और भी गहरे से भरा पड़ा है. जातिवाद को लेकर अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एक बेहद ही शर्मनाक घटना की खबर आई है। कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे एक दलित मेडिकल स्टूडेंट ने अपने साथ टीचरों और साथियों द्वारा किए जा रहे जातिगत भेदभाव से परेशान होकर सुसाइड करने की कोशिश की है। स्टूडेंट का नाम मरिराज बताया जा रहा है। मरिराज ने नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मरिराज ने अस्पताल से ही एक वीडियो के जरिए अपनी बात लोगों तक पहुंचाई। इस वीडियो में ये स्टूडेंट अपनी तकलीफ बताते हुए कह रहा है कि मेरे टीचर न तो मुझे सर्जरी करने देते हैं और न ही मेरे साथ सामान्य व्यवहार किया जाता है। टीचरों के अलावा मेरे साथी भी मेरे साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं। मुझसे चाय सर्व करवाई जाती है और बार-बार मेरी डिग्री चेक की जाती है। मेरे टीचरों को लगता है कि मेरी डिग्री फर्जी है।

बता दें कि एमएस-सर्जरी के तीसरे साल के स्टूडेंट मरिराज मूल रुप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि वो पहले ही नेशनल एससी-एसटी कमीशन में इस बात की शिकायत कर चुके हैं, जहां उनकी शिकायत अभी पेंडिंग है। मरिराज की मां ने भी एससी-एसटी कमीशन में मरिराज के टीचरों के खिलाफ नामजद शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि अगर उनके बेटे के साथ कुछ गलत होता है तो बीजे कॉलेज के प्रोफेसर्स जेवी पारिख, डॉ। पार्थ दलाल और पंकज आर मोदी जिम्मेदार होंगे।

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