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सरदार पटेल की मूर्ति के रख रखाव के लिए, रोज खर्च किये जायेंगे 12 लाख रुपए

Modi and Statue of Unity
(Image Credits: India Today)

अहमदाबाद में देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल जी की मूर्ति बनायीं गयी जो दुनियां में सबसे ऊँची है। इस मूर्ति का उद्घाटन होते ही इसे दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति घोषित कर दी गयी। यह देश के सम्मान और गौरव की बात है।

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परन्तु इससे जुडी कई सारी अहम् बाते भी सामने आ रही है। इसके रखरखाव और होने वाले साफसफाई के लिए कितना खर्च होगा और यह पैसा कहाँ से आएगा यह अभी तय नहीं हुआ है।

विशेषकारो का मानना है की इस मूर्ति के15 साल तक के रख रखाव में  657 करोड़ रुपए का ख़र्च आने का अनुमान है। वही सालाना हिसाब किया जाए तो यह खर्च 43.8 करोड़ रुपए का बैठता है। इसका मतलब यह हुआ कि इस मूर्ति के रख रखाव पर हर रोज़ 12 लाख रुपए का ख़र्च आएगा। परन्तु इतना पैसा कहा से जमा होगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

इस मूर्ति के रख रखाव के लिए केंद्र सरकार की पांच पीएसयू (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) ओएनजीसी, एचपीसीएल, बीपीसीएल, इंडियन ऑयल और ऑयल ने मिलकर 146 करोड़ रुपए से ज़्यादा इकट्ठा किए हैं।

इन्होंने ये रकम सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी) के तहत दी है। आम तौर पर ऐसी रकम का इस्तेमाल स्कूल या हॉस्पिटल खोलने के लिए होता है। परन्तु यह रकम अब सरदार पटेल की मूर्ति के रखरखाव में होने वाले खर्चे के लिए इस्तेमाल होगी।


दरअसल, कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी बड़े व्यापारों का यह सामाजिक दायित्व होता है जिसके तहत इन्हें कमाई में हुए फायदे का दो प्रतिशत सामाजिक कल्याण के काम में देना होता है। परन्तु इसी पैसे का इस्तेमाल मूर्ति के रख रखाव पर आने वाले ख़र्च में किया जाना है।

देखा जाए तो इस मूर्ति पर हर दिन लगायी जाने वाली रकम काफी बड़ी है। इस मूर्ति को बनाने में 2063 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। इस मूर्ति का उद्घाटन बुधवार को काफी भव्य तरीके से किया गया।

इस मूर्ति को बनाने का सपना देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जी ने देखा था जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। आखिर कार मोदी जी ने देश को एक बड़ा तोहफा दिया और देश के सम्मान में सरदार पटेल जी की मूर्ति बनवायी। परन्तु इस मूर्ति पर रोजाना होने वाला खर्च सरकार दे पाएगी और कहाँ से इकठ्ठा होगा यह पैसा।

 

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