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नूपूर और यूसुफ की शादी से खतरे में पड़े धर्म को बचाने गए BJP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दौड़ाया

नई दिल्ली. संघ अब अपनी नौ दशक पुरानी बोई फसल को काट रहा है। दलित मुस्लिमों को धर्म की आड़ में लड़ाया जा रहा है। इसकी परिणति राजस्थान में दिखाई दी जब शंभू रेगर नामक दलित व्यक्ति ने लव जेहाद और धर्म बचाने के नाम पर मुस्लिम मजदूर को काटकर जिंदा जला डाला था। इस घटना के बाद कथित तौर पर हिंदुत्व को बचाने की मुहिम तेज हो गई है. केंद्र औऱ अधिकतम राज्यों में बीजेपी की सरकार होने के कारण ऐसे अराजक तत्वों को और बल मिल रहा है। ताजा मामला यूपी के गाजियाबाद से सामने आ रहा है। यहां 80 के दशक में जिलाधिकारी रहे राजेंद्र अग्रवाल की पोती की ने अपने साथ काम करने वाले मुस्लिम युवक से शादी कर ली थी।

इसकी सूचना दोनों ने अपने घरवालों को भी दे दी थी। शुक्रवार को नूपूर अग्रवाल के घर पर रिसेप्शन पार्टी का आयोजन हो रहा था। इस आयोजन में नूपूर के अलावा उसका पति यूसुफ और उसके रिश्तेदार भी शामिल हुए थे। इस गैरमजहबी शादी के कारण कथित हिंदुत्ववादी संगठन आहत हो गए और रिसेप्शन में बाधा पहुंचाने पहुंचने लगे। नूपूर के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी थी जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हिंदू संगठनों और बीजेपी कार्यकर्ताओं को दौड़ा दौड़ाकर पीटा।

रिसेप्शन में बाधा डालने बिन बुलाए मेहमान बनकर पहुंचे हिंदूवादी संगठन और बीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जमकर पीट डाला। इसके इतर नवयुगल का कहना है कि वे एक दूसरे के साथ काफी खुश हैं। दोनों को डॉक्टरी की पढ़ाई के दौरान प्यार हुआ था और बाद में शादी कर ली।

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