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धोखाधड़ी के चलते कंपनी की एमडी हिरासत में, पूछताछ में कहा नोटबंदी और जीएसटी है जिम्मेदार

Nowhera-Shaikh
(Image Credits: NYOOOZ)

हीरा ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर नौहेरा शैख़ (44) को  गिरफ्तार किया गया है। उन पर मुंबई और आस पास के इलाको में रहने वाले करीब 150 लोगो के साथ धोकाधड़ी करने का आरोप है। नौहेरा शैख़ ने जांचकर्ताओं को बताया की उन्हें नोटबंदी और GST ( गुड्स एंड सर्विस टैक्स ) के लागू होने से उन्हें तगड़ा आर्थिक नुक्सान हुआ है।

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इसके चलते नौहेरा लोगो को उनका मुनाफा नहीं दे पा रही थी। नवम्बर 2016 में लागू नोटबंदी और उसके बाद जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने पर उनके काम में काफी असर पड़ा। शेख का कहना है की साल 2018 की शुरुआत से ही वह निवेशकों को मासिक और उनका मुनाफा देने में नाकाम रही, जिसके चलते निवेशकों ने पुलिस में उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया।

जानकारी के मुताबिक़ मुम्बई और ठाणे इलाके के 150 से ज्यादा लोगो ने शेख के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया था। यही नहीं, जानकारी यह भी है की देश भर के कई पुलिस स्टेशन में शेख के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई गयी है।

शेख ने जांच के दौरान बताया की वह करीब एक दशक से निवेशकों को लाभांश का भुगतान कर रही है। लेकिन 2017 में आये नए नियमो के चलते वह पेमेंट के मोर्चे पर कमजोर पड़ने लगी। अधिकारी के मुताबिक़ मई 2017 में शेख ने निवेशकों को सर्कुलर जारी करके कहा की अब वह हर तीन महीने में लाभांश का भुगतान करेंगी। ऐसा उसने कुछ महीने तक किया भी। परन्तु इस साल की शुरुआत से भुगतान रुक गया।

अधिकारियों ने बताया की उनसे पूछताश की गयी। शेख ने पुरे आत्मविश्वास से कहा की अगर जांच करने वालो को भरोसा न हो तो वे उनके पुराने बैंक स्टेटमेंट देख सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक़ शेख के मुंबई एजेंट सलीम अंसारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कि गयी है।


सुचना के अनुसार करीब 20 हजार लोगो ने उसके जरिये पैसे लगाए। ऐसे में माना जा रहा है की निवेशकों की संख्या ज्यादा ही सकती है। अफसर का कहना है की शेख ने मुस्लिम समुदाय के निवेशकों पर ज्यादा जोर दिया। उन्हें इस्लाम की और से मान्य ब्याज मुक्त हलाल निवेश का वादा किया।

शेख को पिछले महीने 26 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। इस वक्त मामले की जांच कर रही इकोनॉमिक ऑफिसेज विंग की निगरानी में है। शेख की कस्टडी 9 नवम्बर को ख़त्म होगी। अपने पिछले रिमांड एप्लिकेशन में ईओडब्ल्यू ने कहा की 2010 के बाद 15 ऐसी कम्पनिया बनायीं गयी जिसमे शेख डायरेक्टर थी। जिनमे से हीरा गोल्ड कंपनी, हीरा टेक्सटाइल और कुछ दूसरी है। ये कम्पनियाँ कॉन्स्ट्रक्शन, ग्रॉसरीज, टूर एंड ट्रेवल के रूप में बनायीं गयी थी।

शेख तिरुपति के एक फल एक्सपोर्टर की बेटी है। उनकी शादी 2007 में हैदराबाद के निवासी सलमान कुरैशी के साथ हुई। दोनों का सदी के 4 साल बाद यानी 2104 में तलाक भी हो गया। पुलिस का कहना है की शेख दसवीं बोर्ड की परीक्षा पास नहीं की परन्तु उनके पास कोलंबो की एक ओपन यूनिवर्सिटी की डिग्री है , जिसे शेख ने ऑनलाइन हासिल किया।

सुचना के अनुसार शेख शुरूआती समय में तिरुपति के मदरसे में पढ़ाती थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी महिलाओं के साथ मिल कर ट्रस्ट बनाया और 90 के दशक के आखिर में सोना खरीदने और बेचने का बिजनेस शुरू किया। अफसर के मुताबिक शेख ने इन ट्रस्टों को कंपनी के तौर पर 2010  में रजिस्टर कराया। पुलिस ने बताया की शेख की कंपनी पर 2 बार इनकम टेक्स के छापे पड़ चुके है। शेख के पास बीएमडब्ल्यू कार के अलावा हैदराबाद के बंजारा हिल्स में फ़्लैट है।

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