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#MeToo – एमजे अकबर ने खड़ी करी 97 वकीलों की फौज, कोर्ट में होगी आज पहली सुनवाई

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हाल ही में केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर पत्रकार प्रिया रमानी ने 20 साल पहले हुए उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके चलते एमजे अकबर ने सोमवार को पटियाला हॉउस अदालत में पत्रकार प्रिया रमानी पर निजी  आपराधिक मानहानि शिकायत दायर की। विदेश राजमंत्री अकबर का कहना है कि रमानी जानबूझ कर दुर्भावनापूर्ण तरीके से उन पर आरोप लगा रही है, उनका मकसद मेरी प्रतिष्ठा और राजनितिक औहदे को नुकसान पहुँचाना है। अकबर ने लॉ फर्म ‘करनजावाला एंड कंपनी’ के जरिए पटियाला हाऊस जिला अदालत में याचिका दायर की और ‘वकालतनामा’ में 97 वकीलों के नाम दिए जिन्हें अकबर का प्रतिनिधित्व करने के लिए रखा गया है। विदेश राज्य मंत्री अकबर ने पत्रकार के खिलाफ मानहानि से जुड़े कड़े प्रावधान के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है।

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MJ-AKBAR

भाजपा के मंत्री एमजे अकबर का कहना है की ‘आरोपी पत्रकार प्रिया रमानी मुझे बदनाम करने के लिए झूठे,आपत्तिजनक और द्वेषपूर्ण आरोप लगा रही है ,ताकि उनकी प्रतिष्ठा और राजनीतिक औहदे को नुकसान पहुंचे और इसमें उनके निहित स्वार्थ तथा एजेंडा है। अकबर के इस जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार रमानी ने बयान दिया है की वह मानहानि आरोपों का सामना करने को तैयार हैं। रमानी का कहना है की कई महिलाओ ने आरोप लगाए है जिन्हे वह डरा धमकाकर और प्रताडि़त करके उन्हें चुप कराना चाहते हैं। अकबर पर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाने वाली महिलाओं में प्रिया रमानी, गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजू भारती और शुतापा पॉल शामिल हैं।

अकबर के द्वारा की गयी याचिका पर आज सुनवाई हो सकती है। शिकायत में रमानी द्वारा सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगाए गए मानहानिपूर्ण आरोपों को बताया गया है और इसमें अकबर के पत्रकार के रूप में ‘लंबे और शानदार’ करियर के बारे में बताया गया है।

अकबर ने अपनी शिकायत में कहा है,


आरोपों ने ‘अपूरणीय क्षति’ की है और ‘अत्यंत दुखद’ हैं।

ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी (रमानी) ने द्वेषपूर्ण तरीके से कई गंभीर आरोप लगाए हैं जिसे वह मीडिया में पूरी तरह से फैला रही है। यह भी स्पष्ट है कि शिकायतकर्त्ता (अकबर) के खिलाफ झूठी बातें किसी एजेंडे को पूरा करने के लिए प्रायोजित तरीके से फैलाई जा रही हैं। इसमें अकबर के खिलाफ रमानी के आरोपों को ‘बदनाम करने वाला’ बताया गया।

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आरोपों की ‘भाषा और सुर’ पहली नजर में ही मानहानिपूर्ण हैं और इन्होंने न केवल उनके (अकबर) सामाजिक संबंधों में उनकी प्रतिष्ठा और साख को नुकसान पहुंचाया है बल्कि समाज, मित्रों और सहयोगियों के बीच अकबर की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है।

अधिवक्ता संदीप कपूर के द्वारा किये गए शिकायत में रमानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) के तहत नोटिस जारी करने का अनुरोध किया गया।

भादंसं की धारा 500 में व्यवस्था है कि आरोपी को दोषी ठहराए जाने पर दो साल का कारावास या जुर्माना या दोनों हो सकता है।

अफ्रीका के दौरे से लौटने के कुछ घंटे बाद, अकबर ने कई महिलाओं द्वारा उन पर लगाए गए यौन उत्पीडऩ के आरोपों को ‘झूठा, फर्जी और बेहद दुखद’ बताया था और कहा था कि वह उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।

अकबर का नाम सोशल मीडिया पर उस समय सामने आया था जब वह नाइजीरिया के दौरे पर थे।

1 Comment

1 Comment

  1. ये अकबर शक्ल से ही आरएसएस का भक्त लग रहा है
    बीजेपी का ये अकबर मंत्री औरतो को डराना चाहता है
    जिन्होंने इसके खिलाफ बोला है क्योंकि बीजेपी आरएसएस वालो को सच कडबा लगता है

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