fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

राज्‍य सभा की आचार समिति फैसला सुनाएगी एमजे अकबर के मामलें में ? बर्खास्त हो सकते हैं बीजेपी सांसद

MJ-Akbar-Priya-Ramani-MeToo
(Image Credits: Kalinga TV)

मीटू मामलें में फसें ऍम ज अकबर की मुश्किलें और भी बढ़ती दिख रही है। उनपर लगाये गए आरोपों के कारण ऍम ज अकबर को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा। अब ऍम ज अकबर के खिलाफ राजयसभा की अचार समिति कार्रवाई कर सकती है। इसके कारण ऍम ज अकबर को संसद सदस्यता से बर्खास्त किया जा सकता हैं।

Advertisement

ऍम ज अकबर पर आरोप लगाने वाली कुछ महिला पत्रकार राज्य सभा की आचार समिति के संपर्क में हैं। समिति के एक सदस्य ने अपने पहचान बताने से मना कर दिया और इसी शर्त पर बताया कि महिला पत्रकारों ने यह मामला समिति के समक्ष उठाया है। ऍम ज अकबर 2016 में मध्य प्रदेश राज्य से राज्यसभा पहुंचे थे।

सदन के सदस्यों के आचार विचार से संबंधित मामलों को राज्यसभा की आचार समिति द्वारा देखा जाता है। सदन समिति के सदस्यों के लिए कोड ऑफ़ कंडक्ट तैयार करती है। फिर इसके बाद इनका पालन कैसे हो यह सुनिश्चित करती है। यदि सदन का कोई सदस्य नियमों को तोड़ता है या कोई अनैतिक व्यवहार करने के मामले में आरोपी साबित होता है। तब सदन उस व्यक्ति पर एक या एक से ज्यादा प्रतिबंधों को लगा सकती है।

संसद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में बर्खास्त करना और अन्य प्रतिबंध शामिल हैं। केशवा राव टी आरएस सांसद और राज्यसभा की आचार समिति के सदस्य का इस मामले में कहना है कि जब तक यह मामला संसद की अचार समिति के सामने नहीं आता है, तब तक इन्हे वो आरोप मानेगें। ऍम ज अकबर पर लगे आरोप काफी गंभीर हैं, और नियमों के आधार पर इस पर कार्रवाई की जायगी।

संसद की आचार समीति की अगली बैठक में इस मामले की उजागर होने की उम्मीद लगाई जा रही है। बताया जा रहा की पीड़ित महिला पत्रकार को सलाह दी गई है की वह वैंकेया नायडू के रेस्पॉन्स का इंतजार किया बिना लिखित में अपनी शिकायत समिति के सदस्यों को सीधे तौर पर जाकर दें।


इससे यह उम्मीद लगाई जा रही की ऐसा करने से ऍम ज अकबर पर संसद की सदस्यता से इस्तीफा देने का दबाव पड़ जायगा। वैसे अभी तक किसी महिला पत्रकार द्वारा लिखित में शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है।

वहीं दूसरी ओर लोकसभा के पूर्व महासचिव पी.डी.टी आचार्य इस मसले पर कहते हैं कि, ‘यह मामला राज्यसभा की आचार समिति के प्रभाव से बाहर का मामला है। समिति किसी सांसद के पूर्व में किए गए व्यवहार के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती। संसद की आचार समिति सिर्फ कार्यकाल के दौरान किए गए अनैतिक व्यवहार के लिए सदस्य के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।’

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved