fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

हिंदी समेत कई क्षेत्रीय भाषाओं में होगा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का अनुवाद: चीफ जस्टिस गोगोई

Supreme-Court

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए फैसला लिया है की जल्द ही हिंदी समेत कई क्षेत्रीय भाषाओं में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का अनुवाद किया जायेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुकवार को बताया है कि फैसलों का अनुवाद क्षेत्रीय भाषाओं में करने की योजना तैयार की गई है। यह फैसल इसलिए भी लिया गया है क्युकी आम जनता को यह फैसले आसानी से समझ आ सके।

Advertisement

यह फैलसा अंग्रेजी नहीं जानने वाले लोगों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि इसकी कवायद शुरू हो चुकी है और सबसे पहले हिंदी में फैसलों का अनुवाद देना शुरू किया जाएगा। भारत देश में हिंदी भाषा को पढ़ने और समझने वालो की संख्या अधिक है इसलिए भारत की राष्ट्र भाषा हिंदी से शुरुवात की जाएगी।

चीफ जस्टिस गोगोई ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान पत्रकारों को बताया की इस फैसले का सार भी मुहैया कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले अक्सर कई पेजो में होती है पर सब यह फैसले एक सार के रूप में मात्र दो से तीन पन्नो में बताई जाएगी उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि वादी व प्रतिवादियों को यह पता लगना जरूरी है कि आखिर फैसला क्या है और किस आधार पर है। साथ ही आम लोग भी शीर्ष अदालत के फैसलों को समझ सकें।’

सुप्रीम कोर्ट में शामिल हुए और नए चार जज, अब 14 पीठो की होगी बैठक

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को नए चार जजों को शपथ दिलवाई जिसमे स्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी शामिल है इन्होने बतौर सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में शपथ ग्रहण करी है और जल्द ही यह अपने कार्यभार संभालेंगे।

चार नए जजों की नयुक्ति के बाद ब सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 28 हो गई है। नियमानुसार शीर्ष अदालत में अधिकतम 31 जज हो सकते हैं। चीफ जस्टिस गोगोई ने कहा कि दिवाली की छुट्टी के बाद सुप्रीम कोर्ट में 14 पीठ मुकदमे सुनेंगी। हर पीठ दो सदस्यीय होगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि तीन सदस्यीय पीठ होने का कोई मतलब नहीं है।


कॉलेजियम की सिफारिश के 48 घंटों में ही 4 जजों ने ले ली शपथ

आपको बता दे की चीफ जस्टिस गोगोई मोदी सरकार के इस रुख से काफी हैरान रह गए है क्यूंकि कोलेजियम की तरफ से चार जजों को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश पर केंद्र सरकार के महज 48 घंटे में फैसला कर देने से चीफ जस्टिस भी हैरान रह गए। उन्होंने इसके लिए मोदी सरकार की सरहना करि और कहा की ‘मेरे लिए भी यह सुखद आश्चर्य से कम नहीं था। हमने गत बुधवार को करीब 11 बजे सिफारिश भेजी थी और उसी शाम जानकारी मिली कि उन चार जजों का मेडिकल हो चुका है।’

चीफ जस्टिस गोगोई के साथ इस दौरान जस्टिस एसए बोबड़े भी मौजूद थे। चीफ जस्टिस ने पत्रकारों के सामने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बोबड़े ही उनके बाद अगले चीफ जस्टिस बनेंगे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved