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दलित छात्रों को पीएम का संबोधन सुनने के लिए तबेले में बिठाया, उमंग फाउंडेशन ने लिखा सीएम को पत्र

शिमला: बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश भर के स्कूली छात्रों से ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम कर रहे थे उसी वक्त बीजेपी शासित राज्य हिमाचल प्रदेश में दलित छात्रों के साथ अपमानजनक व्यवहार और बदसलूकी की गई.

द इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के दौरान कुल्लू जिले के एक सरकारी स्कूल में दलित छात्रों को क्लास से बाहर बैठने के लिए कहा गया. शिक्षकों ने टीवी पर दिखाए जा रहे मोदी के कार्यक्रम को देखने के लिए इन दलित छात्रों को अन्य छात्रों से अलग खुली जगह में बैठने के लिए कहा. जिस जगह इन छात्रों को बैठने के लिए कहा गया वहां पालतू मवेशी और जानवरों को बांधा जाता है.

कुल्लू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुनाने के नाम पर एक स्कूल में बच्चों के साथ जाति के आधार पर किए गए अमानवीय व्यवहार पर स्वयंसेवी संस्था उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर आरोपितों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज करने की माग की है। उन्होंने कहा कि ब के साथ इस तरह का व्यवहार संज्ञेय अपराध है और आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए।

अजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन स्कूल के बच्चों को सुनाने के नाम पर दलित बच्चों को स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के घर ले जाया गया। वहा दलित बच्चों को घर के बाहर गंदी जगह में बैठाया गया, जबकि अन्य बच्चे घर के अंदर बैठे।

शिक्षकों ने पहले ही बता दिया था कि दलित बच्चे समिति के अध्यक्ष के घर के भीतर नहीं जा सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि उस स्कूल में मिड-डे मील में भी दलित बच्चों को अलग बैठाया जाता है। दलित बच्चों के साथ जाति के आधार पर अमानवीय व्यवहार अस्वीकार्य है।

उमंग फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित बच्चों को जो सदमा पहुंचा है उसके लिए उन्हें मुआवजा दिया जाए और उनकी मनोवैज्ञानिक से काउंसलिंग भी करवाई जाए।

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