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वाराणसी के कमिश्नर ने कहा- बीएचयू के हालात के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार

BHU VC Girish Chandra Tripathi goes on indefinite leave

वाराणसी। बीएचयू में शनिवार रात को छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। इन प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं समेत कई छात्र और कई पत्रकार भी घायल हुए थे। वहीं अब इस मामले में वाराणसी के कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी ठहराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कमिश्नर ने सोमवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार को भेजी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा कि बीएचयू प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत को संवेदनशील तरीके से नहीं संभाला, न ही स्थिति को सही वक्त पर संभाला। इसी वजह से इतना बड़ा बवाल हुआ।

कमिश्नर ने कहा कि बीएचयू में हुआ उपद्रव विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। तीनों ने अगर सही समय पर अपनी भूमिका का निर्वहन किया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

उधर, चौतरफा आलोचनाओं के बाद वाइस चांसलर भी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। घटना के तीसरे दिन महामना की मूर्ति पर कालिख पोतने की तहरीर दी गई। वीसी ये भी दावा कर रहे हैं कि छात्राओं पर लाठीचार्ज नहीं किया गया। कार्रवाई भी उन्हीं छात्रों पर की गई जो बीएचयू की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे और पेट्रोल बम फेंक रहे थे।

इस बीच प्रशासन ने पिछले दिनों कैंपस में हुई घटनाओं की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज वी. के. द्विेवेदी की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय समिति करेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों की टीम में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।

 

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