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दलित के घर खाने गए सीएम योगी तो गायों को शैंपू से नहलाया, मंगाए नए बर्तन और मिनरल वाटर

नई दिल्ली. दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान दलितों पर पुलिसिया कहर बरपाने के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अब दलितों के घर खाना खाकर उन्हें मनाने की कोशिश में लगे हैं. इस बीच दलित वर्ग के लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सवर्ण नेता दलितों को अपने घर दावत पर कब बुलाएंगे. इस मामले पर लोग यह भी कह रहे हैं कि बीजेपी नेता दलितों के घर भोजन कर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने उनके घर खाना खाकर कितना एहसान किया है. यह गैरबराबरी को मिटाने की नहीं बल्कि बढ़ाने की कोशिश है.

इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले में एक दलित के घर खाना खाना पहुंचे तो उनके आने से पहले दलित के घर एवं इस पूरे गांव की तस्वीर ही बदल दी गई। सीएम ने मेहंदीपुर गांव में रात गुजारने, चौपाल करने और दलित प्रधान के घर खाना खाने का फैसला किया।

बस फिर क्या था इससे पहले की सीएम गांव के प्रधान के घर पहुंचते गांव की सड़के मरम्मत कर दी गईं, बरसों से बदबू फैला रहे गांव के नाले साफ हो गए, हैडपंप की मरम्त हो गई और तो और जिस गांव में हमेशा अंधेरा छाया रहता था वहां बिजली के कनेक्शन लग गए और दिन में ही स्ट्रीट लाइटें तक जल उठीं। यह तो हुई सीएम के आगमन से पहले गांव के सूरत बदलने की बात अब हम आपको बताते हैं कि जिस घर में सीएम साहब को भोजन करना था वहां पल भर मे क्या-क्या बदल दिया गया?

करीब चौदह सौ लोगों की आबादी वाले इस गांव में दलितों की संख्या एक हजार है। गांव की प्रधान प्रियंका के घर सीएम को आना था। यहां भोजन के मेन्यू में लौकी, तोरई की सब्जी, दाल, चावल, रोटी और सलाद का इंतजाम किया गया। लहसुन, प्याज से खास परहेज किया गया। घर के छप्पर के नीचे की तरफ पॉलीथीन की नई सीटें लगा दी गईं। इतना ही नहीं घर के आंगन में खड़ी गायों को शैम्पू से खूब नहलाया गया। जिस घर में पीने के लिए साफ पानी नहीं आता वहां ‘मिनरल वाटर’ के ढेर लग गए। घर में चमचमाते नये-नये बर्तन मंगवाए गए ताकि सीएम उसमें खाना खा सकें। यहां आपको बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ पहली बार अमरोहा पहुंचे।

इससे पहले योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ के दौरे पर गए थे जहां उन्होंने एक दलित के घर खाना खाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दलित के घर खाना खाने पर बसपा प्रमुख मायावती ने चुटकी लेते हुए कहा था कि ये महज दिखावा है। इससे पहले की एक घटना पर नजर डालें तो योगी आदित्यनाथ पूर्वी यूपी के ही एक गांव में सीएम बनने के बाद दलित बस्ती में गए थे. वहां दलितों को प्रशासन ने साबुन सैंपू भिजवा दिया था जिससे कि वे सीएम के आने से पहले नहा लें. इस घटना की काफी आलोचना हुई थी. इसके बाद सीएम एक दलित बस्ती से नाक पर गमछा लगाए गुजरे थे. इस घटना के बाद भी उनकी काफी आलोचना हुई थी. अब जिस घर में भी वे खाना खाने के लिए जाते हैं वहां नए चमचमाते बर्तनों में उनकी पूरी टीम के लिए खाना परोसा जाता है जिसको लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं.

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