fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  

देश के सर्वश्रेष्ठ एक्सप्रेस वे को बनवाने का रिकॉर्ड अखिलेश यादव के नाम दर्ज

विमर्श
1 year ago

सत्ता और सरकारें बनती-बिगड़ती रहती हैं, पद आते-जाते रहते हैं पर इतिहास और रिकार्ड कोई-कोई बना पाता है। देश मे महज 23 महीने में बना 302 किलोमीटर लम्बा 6 लेन “लखनऊ -आगरा एक्सप्रेस वे” एक ऐतिहासिक कीर्ति और कीर्तिमान है जो युवा समाजवादी नेता श्री अखिलेश यादव जी के नाम इतिहास के पन्नो में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो चुका है। […]

PM से कौन पूछेगा कि दो लाख शेल कंपनियों में से किसका संबंध पनामा पेपर से है?

विमर्श
1 year ago

शेल कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का स्वागत ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी इन कंपनियों को बहस के दायरे में लाना चाहते हैं। कई अख़बारों की रिपोर्ट पढ़ने के बाद उनका सार पेश कर रहा हूं। आप भी अपनी तरफ से कुछ जोड़ सकते हैं। पाठकों के मन में दो कैटगरी को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। एक नॉन आपरेटिव कंपनी और […]

‘गोदी मीडिया के लिए सत्ता के चरण में बैठना ही आज़ादी है’

विमर्श
1 year ago

मेरा भाषण- स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। 15 अगस्त सिर्फ 15 अगस्त में नहीं है वो उन तमाम संघर्षों में हैं जो आम लोगों के हक और आज़ाद भारत के स्वप्न को ज़िंदा रखने के लिए किए जा रहे हैं। ऐसे लाखों लोगों की संघर्ष भावना को बधाई। सरकारें आज भी झूठ बोलती हैं। नेता आज भी झूठ बोलते हैं। झूठ […]

भारत की गुलामी और पिछड़ेपन का असली कारण

विमर्श
1 year ago

इस देश में एक तबका है जो अपने छोटे से दायरे में एक ही जाति और वर्ण के लोगों की टीम में बैठकर सदियों से निर्णय लेता रहा है। अन्य वर्ण और जातियों की क्या सोच हो सकती है उन्हें पता नहीं, न ही वे पता करने की जरूरत समझते हैं। इसीलिए जिस हुजूम को भारत कहा जाता है वो […]

प्रधानमंत्री जी, कल रोईएगा नहीं क्योंकि….

विमर्श
1 year ago

कल हम आजादी का जश्न मनाएंगे। प्रधानमंत्री जी, मुझे ऐसा लगता है कि आप इस दिन भी लाल किले के प्राचीर से कुछ उसी तरह भावुक हो सकते हैं, जैसा रोहित वेमुला और गो रक्षकों की कारस्तानी पर भावुक हुए। लेकिन, इस अदने से आदमी की विनती है, प्लीज कल मत रोईएगा। क्योंकि, आंसू से ऑक्सीजन मिलते तो उन बच्चों […]

संघियों को मुसलमानों में से बुरहान बानी और दाऊद चाहिए, उन्हें डॉ. कफ़ील जैसे लोग नहीं सुहाते

विमर्श
1 year ago

अगर यह खबर सही है कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने की वजह से डॉ कफ़ील को हटा दिया गया है, तो चलो… मैं उन्हें हटाने का समर्थन करता हूं..!! लेकिन औकात और हिम्मत है तो डॉ कफ़ील के साथ ही शुरू करो, समूचे देश के उन तमाम डॉक्टरों को जेल में बंद करो, जिन्होंने सरकारी नौकरी की तनख्वाह उठा कर सिर्फ […]

साइंस और टेक्नॉलोजी ऋषि-मुनियों के पास था, तो आज उनके वंशज यूरोप अमेरिका का मुह क्यों ताकते हैं?

विमर्श
1 year ago

कल ट्रेन में सफर के दौरान चार युवा इंजीनियर्स से बात करने का मौका मिला। चारों एक दूसरे से परिचित होते हुए अपनी पढ़ाई, कमाई, अनुभव, कम्पनी आदि का बखान कर रहे थे। जाहिर हुआ कि चारों देश की सबसे अच्छी सॉफ्टवेयर कम्पनियों में कार्यरत हैं, दो पुणे में एकसाथ है दूसरे दो मुम्बई एकसाथ काम करते हैं। अगली कुछ […]

ठेठ लालू, शिक्षा और वंचित तबका…

विमर्श
1 year ago

क्रांति ज्योति ज्योतिबा फुले जी ने कहा है कि “विद्या के अभाव में मति गयी,मति के बिना नीति गयी, नीति के बिना गति गयी,गति के बिना वित्त गयी,वित्त के बिना शूद्रों की अधोगति हो गयी। इतने सारे अनर्थ एक अकेली अविद्या के कारण ही हुए।” बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर साहब ने भी कहा है कि “शिक्षा वह शेरनी […]

इतिहास ठीक हो जाएगा, टीवी वाले भी हिन्दू मुस्लिम में बिजी हैं- रवीश कुमार

विमर्श
1 year ago

नोटबंदी श्रीदेवी की फिल्म नाकाबंदी की तरह फ्लाप हो गई है। सारे संकेत यही बता रहे हैं मगर कोई कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। रिज़र्व बैंक के पास कितने नोट लौट कर आए, अभी तक हार्डवर्क वाले बता नहीं पा रहे हैं। यह जानना इसलिए ज़रूरी है कि सरकार कोर्ट तक में कह चुकी है कि 15-16 […]

आपको उन्हीं चैनलों के पास अपनी समस्या लेकर जाना चाहिए जो सरकार के हाथों खेल रहे हैं- रवीश कुमार

विमर्श
1 year ago

राज्य सभा चुनाव से फुर्सत पाने के बाद अब तमाम मंत्री बेरोज़गार युवाओं के लिए मार्च करने वाले हैं। इसके लिए त्रिपुरा गुजरात के बाद दूसरे राज्यों के विरोधी दलों के विधायकों को तोड़ कर अपने पाले में मिलाया जाने वाला होगा। मीडिया इसे कमाल बताते हुए गुणगान करेगा। भारत की राजनीति का खेल सत्तर के दशक के स्तर से […]

क्या आरक्षण बचाने के लिए लालू फिर किसी रामजेठमलानी को वकील करें या योद्धा सड़क पर उतरें?

विमर्श
1 year ago

आज पढ़ने-पढ़ाने की संस्कृति को जिस तरह से कुप्रभावित किया जा रहा है, शोधकार्य के प्रति एक क़िस्म का उदासीन माहौल बनाया जा रहा है, समय पर फ़ेलोशिप नहीं दिया जा रहा है, छात्रों को तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर हतोत्साहित किया जा रहा है, वो एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है। देश के विश्वविद्यालयों की जो हालत है, वहां शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित करने के नाम […]

मेनस्ट्रीम मीडिया ने जिनको साबित किया था आतंकी, ATS ने छोड़ दिया..

विमर्श
1 year ago

कहते हैं पुलिस रस्सी का सांप बना देती है, मगर हिन्दी जगत के कई मीडिया संस्थानो ने अब रस्सी का सांप बनाने में पुलिस को कई मील पीछे छोड़ दिया है। बीते छ तारीख को एटीएस ने देवबंद से कुछ छात्रों को पूछ ताछ के लिये हिरासत में लिया था। इनमें से पांच छात्रों दानिश,अब्दुल बासित,रहमान, अब्दुल रहमान, और आदिल […]

मंडल कमीशन के लिए खुद को दांव पर लगा गए थे लालू यादव

विमर्श
1 year ago

मैं यह कहूँ कि “मण्डल कमीशन” के लिए लालू प्रसाद यादव जी ने खुद को दांव पर लगा दिया तो कोई अतिशयोक्ति न होगी क्योकि मैं 1990 के मंडल आंदोलन का गवाह हूँ और इसके लिए डंडे खाने से लेकर जेल जाने, दिल्ली/लखनऊ/गोरखपुर/देवरिया में प्रदर्शन/रैली/आन्दोलन करने में शामिल रहा हूँ। मैं मण्डल आंदोलन के दौर में देवरिया युवा जनता दल […]

सामंती त्यौहार है रक्षा-बंधन, पितृसत्ता की जड़ों को देता है मजबूती

विमर्श
1 year ago

कितना सड़ा गला समाज है हमारा। दूसरों की नजरों के सामने हम कितने साफ कितने शरीफ बनते हैं, लेकिन हमारे दिलों में, हमारे घरों में कितनी गन्दगी भरी है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। हमारा समाज घोर पितृसत्तात्मक, पुरुष प्रधान और महिला विरोधी है, इस बात का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन 68 बलात्कार भारत […]

मंडल दिवस पर अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र

विमर्श
1 year ago

आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी, सादर जय भीम! जय मण्डल!! परमादरणीय श्री अखिलेश यादव जी! आरक्षण पर लम्बी प्रतीक्षा के बाद आपके इस बयान को पढ़कर कि “आबादी के आधार पर सभी जातियों को मिले आरक्षण”,खुशी हुई कि चलो देर से ही सही समाजवादी पार्टी ने आरक्षण पर मुंह तो खोला।हमारे पुरखो ने आरक्षण के बाबत यही नारा लगाया है […]

इस वरिष्ठ पत्रकार ने खोल दी नीतीश कुमार की पोल, जरूर पढ़ें…

विमर्श
1 year ago

पलटमारी के वक्त नीतीश कुमार की सबसे बड़ी दलील यही थी कि पिछले एक साल से उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा था! आज के अखबार में उन्होंने बिहार सरकार की एक योजना ‘बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन’ का भव्य विज्ञापन पेश किया है, विज्ञापनी-युद्ध के मैदान में, ठीक मोदीय आभामंडल की तरह! इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे इस […]

तुम ही ग़लत हो क्योंकि तुम औरत हो

विमर्श
1 year ago

वर्णिका कुंडू ने अपनी आपबीती फेसबुक पर लिखी जिसके मुताबिक चंडीगढ़ की सड़कों पर उसका पीछा किया गया और ये घटना ‘पीछा’ तक ही सीमित रहकर अपहरण या बलात्कार सिर्फ़ इसलिए नहीं बनी क्योंकि वो कार भगाती रही और पुलिस समय रहते पहुँच गयी। लड़के एसयूवी कार में थे और लगातार उसका रास्ता रोकने की कोशिश करते रहे। वो लड़की […]

धर्म से भी तेज़ी से बढ़ रहे अफ़वाहों के ख़िलाफ़ जारी हों जनहित विज्ञापन!

विमर्श
1 year ago

भारतवर्ष को जनहित में जारी विज्ञापनों के तहत ऐसे विज्ञापनों की सख़्त ज़रूरत है जो अंधविश्वास और अफ़वाहों की ख़िलाफ़त कर जनमानस को सचेत करें। हमारा सामाजिक ढांचा ऐसा है कि हम सब जानते हुए भी अफ़वाहों को अगर स्वीकारते नहीं तो नकारते भी नहीं। जो अंधविश्वास फैले हुए हैं उन्हें मानते नहीं तो उनका विरोध भी नहीं करते और […]

बाबा साहेब से कूड़ा उठवाना मनुस्मृति का एक्शन प्लान है…

विमर्श
1 year ago

सवाल यह नहीं है कि एक अदने से स्टार्टअप अंत्योदय ग्रुप ने बाबासाहेब का अपमान करने की हिम्मत क्यों की? मेरा मुद्दा यह है कि ब्राह्मणवादी सरकार ने विरोध की गंभीरता और उससे जुड़ी आपत्तियों की संभावनाओं का पूरा आकलन करके ऐसे विवादास्पद कॉन्सेप्ट को प्लॉट क्यों करवाया? सरकार के कारिंदों और सत्तानशीनों ने ये क़वायद ठीक उस समय शुरू […]

पत्रकार की अपील- इस बार चुप ही रहिएगा प्रधानमंत्री जी….

विमर्श
1 year ago

70वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से बोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुझाव मांगे हैं। इसमें उन्होंने देशवासियों से पूछा है कि वे इस बार किस मुद्दे पर बोलें। ऐसे में पत्रकार प्रशांत तिवारी ने प्रधानमंत्री को अपनी इच्छा जताते हुए पत्र लिखा है। पढ़िए…. आदरणीय प्रधानमंत्री जी मुझे गर्व है आप पर और आपके बोलने […]

More Posts
To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved