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पढ़िए… देशवासियों में राष्ट्रवाद जगाने के रामबाण उपाय

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1 year ago

क्यों जनाब आप भाजपा और संघ के राष्ट्रवाद की आलोचना क्यों करते हैं? असल में देश में राष्ट्रवाद की बहुत कमी है। देखिये मज़दूर मज़दूरी मांगता रहता है। छात्र सस्ती शिक्षा के लिये आन्दोलन करते रहते हैं। औरतें समान अधिकारों का रोना रोती रहती हैं। दलित जाति पांति का विरोध करते रहते हैं। अल्पसंख्यक भी बहुसंख्यकों जैसा व्यवहार चाहते हैं। […]

जानिए… BJP और RSS ने क्यों रचा जेएनयू को बर्बाद करने का षड्यंत्र

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1 year ago

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूरे देश के नौजवानों को आंखें मूंद कर संघ की बताई बातों पर विश्वास करने वाला बनाना चाहते हैं। इसका मकसद यह है कि भारत की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर सवर्णों और अमीरों का वर्चस्व बना रहे। किसानों और आदिवासियों की ज़मीनों पर पूंजीपतियों का कब्ज़ा होता रहे। लेकिन जेएनयु का माहौल इसमें बाधा […]

फूलन ने सामन्तवाद, मनुवाद को ऐसे झकझोरा कि दशकों तक मनुवादियों के रोंए थर्राते रहे

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1 year ago

“एक थी फूलन” फूलन देवी का नाम आते ही शरीर के रोएं फूट पड़ते हैं। एक अजीब तरह का अहसास होता है फूलन देवी का नाम लेने पर क्योकि बचपन में जब मैं कोलकाता में था तो फूलन देवी के बीहड़ के कारनामों की तूती बोलती थी। “फूलन देवी कहती हैं कानून मेरी मुट्ठी में” सहित कईन-कई फिल्में फूलन देवी […]

‘आरक्षण विरोधी हरकतों के कारण इंडियन एक्सप्रेस से हटाए गए थे अरुण शौरी’

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1 year ago

संपादक और संस्थान के बारे में शुक्रवार के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार अंबरीश कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इसमें एक जानकारी दी इंडियन एक्सप्रेस के प्रधान संपादक रहे अरुण शौरी के बारे में दी गई है। इसमें उन्होंने बताया है कि अरुण शौरी किस कदर मंडल कमीशन के विरोधी थे। वहीं दूसरे मामले में वे ईपीडब्लू के संपादक […]

काले धागे में छिपी ब्राह्मणवादी समाज की काली हकीकत

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1 year ago

कुछ समय पहले तक मेरे दाहिने पैर में एक काला धागा बंधा हुआ था। जब से होश संभाला था, धागा बदलता जरूर रहा पर हटा कभी नहीं। कोई अगर पूछता तो मैं बड़ी सहजता से कह देती कि मैं इसे पहनती हूँ क्योंकि ये मेरे परिवार से जुड़ी एक तरह की पहचान है और इसे मेरे परिवार के सभी लोग […]

जब सत्ता रुलाती है तो लैंगिक भेद कहां देखती है…

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1 year ago

एक मुद्दे पर एक वर्ग की महिलाओं का बहनापा बढ़ा, पितृसत्ता के एक पक्ष पर बात हुई अच्छा है। लेकिन इन सबके बीच जब जबरन के आंसू के साथ समर्थन में सेल्फी पोस्ट हुई तो अपने खास सरोकारों के तहत तिलमिलाहट हुई। मर्द को दर्द नहीं होता टाइप इस मध्यवर्गीय पाठ का क्या करें। जब छोटी थी तभी गुजरात दंगों […]

आप सनी लियोन की फिल्में देखोगे, गाने सुनोगे पर उसे मां बनने का अधिकार नहीं दोगे

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1 year ago

मुम्बई के लातूर की 21 महीने की एक बच्ची को सनी लियोन ने गोद लिया ही था कि पवित्रता के ठेकेदारों ने इस छोटी सी बच्ची को भविष्य की वैश्या या पोर्नस्टार तय कर भी दिया। फेसबुक पर पवित्रता का ठेका लेने वालों आपको कहीं चुल्लू भर पानी मिले तो डूब मरो क्योंकि आप उनकी फोटो देखेंगे, लाइक भी करेंगे […]

बेरोजगारी और हत्याओं पर समाज के ठेकेदारों की चुप्पी यूं ही नहीं है

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1 year ago

सीवर में लोगों और शहरों की गंदगी साफ़ करने वाले कर्मी सालाना सैकड़ों की संख्या में मर रहे हैं, हजारों किसान सालाना आत्महत्या कर रहे हैं, मजदूरों की मजदूरी और रोजगार के ठिकाने नहीं हैं। पंद्रह लाख रोजगार इसी साल खत्म कर दिए गये। नोटबंदी के बाद से किसान मजदूर और छोटे व्यापारी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाए […]

औरत मासिक चक्र के समय अपवित्र कैसे हो जाती है?

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1 year ago

औरत मासिक चक्र के समय अपवित्र कैसे हो जाती है? जरा मुझे भी समझाना। तुम कहते हो कि उन 5 दिनों में ना तो वह पूजा पाठ का सामान छुए, ना तो किसी मंदिर में जाकर आराधना उपासना करें और ना ही नमाज़ पढ़े। हिंदू घरों में तो और भी बुरी दुर्गति होती है इन 5 दिनों में किसी छुआ […]

भारत की अनैतिकता, बर्बरता और इतिहासबोध को समझने की असली चाबी

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1 year ago

सीवर में लोगों और शहरों की गंदगी साफ़ करने वाले कर्मी सालाना सैकड़ों की संख्या में मर रहे हैं, हजारों किसान सालाना आत्महत्या कर रहे हैं, मजदूरों की मजदूरी और रोजगार के ठिकाने नहीं हैं। पंद्रह लाख रोजगार इसी साल खत्म कर दिए गये। नोटबंदी के बाद से किसान मजदूर और छोटे व्यापारी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाए […]

अकेला पत्रकार जोखिम उठाता रहेगा, मारा जाता रहेगा- रवीश कुमार

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1 year ago

परॉन्जॉय गुहा ठाकुर्ता ने अदानी पावर लिमिटेड के लेकर EPW में दो रिपोर्ट छापी। एक रिपोर्ट थी कि कैसे एक हज़ार करोड़ की कर वंचना की गई है और दूसरी कि कैसे सरकार ने 500 करोड़ का फायदा पहुँचाया। अदानी ग्रुप ने मानहानि का नोटिस भेज दिया और कहा कि दोनों रिपोर्ट हटा दें। EPW को संचालित करने वाले समीक्षा […]

भयभीत और अन्धविश्वासी समाज, साहसी और वैज्ञानिक क्यों नहीं बन पाता?

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1 year ago

जो लोग वास्तव में इस देश की परम्पराओं और इतिहास पर गर्व करते हैं या करना चाहते हैं उन्हें भारतीय दर्शन के भौतिवाद का अध्ययन करना चाहिए। इस अध्ययन के बाद आप वास्तव में गर्व कर पायेंगे कि भारत में भी सच्चे अर्थों में भौतिकवादियों, श्रमजीवी समाजों और जनजातीय समाजों और स्त्रीयों ने ज्ञान विज्ञान और कला का पहला फूल […]

लोकतंत्र के मसखरातंत्र में तब्दील होने की आहट

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1 year ago

राज्यसभा में मायावती जी के बोलते वक़्त जिस तरह मंत्री तक हंगामा कर रहे हैं, वो ठीक नहीं है। उपसभापति सदन का संचालन कुशलतापूर्वक अगर करते तो वो सीमित समय में भी अपनी बात रख सकती थीं, मगर इतनी टोकाटाकी व शोरशराबा हो रहा है कि महज़ खानापूर्ति के लिए वो नहीं बोलना चाहतीं, अपनी बात पूरी करना चाहती थीं। […]

औरतें तुम्हें उसी अंग से इस दुनियां में लाती हैं, जिसके लिए तुम उसकी जान ले लेते हो

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1 year ago

स्त्री अंगों की चाहत… एक औरत को असहनीय पीड़ा और जानलेवा दर्द दे कर, दो टांगो के बीच से जन्म लेने के बाद। तुम पैदा होते ही उसके जीवनदाई स्तनों से अपनी भूख मिटा कर, तुम तैयार होते हो दुनिया की पथरीली राह में अपने नन्हें कदम रखने को उसी औरत की उंगली थामे जिसके बिना तुम्हारा अस्तित्व ही न […]

सीवर में मौत का मामला संयुक्त राष्ट्र ले जाना चाहिए या सरकार का जमीर जागेगा?

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1 year ago

कश्मीर में हमारी लगभग एक तिहाई सेना तैनात है. सरकारी आंकड़ा है कि 2016 में वहां 60 सुरक्षाकर्मी देश की रक्षा करते हुए मारे गए, जो हाल के वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. कश्मीर एक खतरनाक जगह है. लेकिन इसी भारत में एक जगह कश्मीर से भी खतरनाक है. वह जगह है सीवर. इनकी सफाई करते हुए एक साल […]

हां Narendra Modi हम अंधे है सच में

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1 year ago

हां Narendra Modi हम अंधे है सच में। विकास तो हो रहा है… [ पांचवा ] विकास तो बिना दर्द के ही हो रहा है। ★ पहला विकास हुआ जब जीरो बैलेंस पर जनधन के खाते खुले, जिसमे की अब आपको 10000 या 5000 रुपये रखना अनिवार्य कर दिया गया है। ★ दूसरा विकास हुआ जब नोटबन्दी का कानून लाकर […]

सौ दिनों में उनचालीस लोगों की ‘हत्या’..यह सरकारी व्यवस्था का आतंकवाद है

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1 year ago

सौ दिनों में उनचालीस लोगों की ‘हत्या’.. यह सरकारी व्यवस्था का आतंकवाद है..! यह तमाम अंतरिक्षीय उड़ानों या मंगलयान के माथे पर लिखा हुआ शर्म है..! यह धर्म की समूची कल्पना की बर्बर धूर्तता की महज एक झलक है..! यह आतंकवाद है, यह शर्म है, यह बर्बरता पर गर्व की निर्लज्जता है..! ये कोई सीवर हादसा नहीं, राजनीतिक हत्याएं हैं..! […]

कहानी उस दिन की जब लालू-नीतीश ने शुरू की थी सामाजिक न्याय की लड़ाई

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1 year ago

बिहार में महागठबंधन की जीत के बाद जेएनयू में लगातार गोष्ठियां हो रही थीं, लोग मार्च निकाल रहे थे। उसी दौरान एक परिचर्चा में प्रो. बद्रीनारायण ने जो कहा, उसे आज याद करने की ज़रूरत है, “जनता ने बड़ी उम्मीदों से यह मैंडेट गठबंधन को दिया है, और लालू-नीतीश दोनों के लिए इस विजय को संभाल के रखने की ज़रूरत […]

स्त्री को देवी मानकर पूजते हैं और गाली उसी देवी के अंगों की देते हैं

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1 year ago

चू.., मादर…, बहन…, रंडी, वेश्या, भो… के हमारे समाज में इन शब्दों का बहुतायत के साथ प्रयोग होता है। इन्हें सभी धर्म के मानने वाले लोग इस्तेमाल करते हैं। इन सभी गालियों का प्रयोग हमारे समाज में सभी के लिए होता है पर जिसके लिए होता है वह बहुत ही असहज हो जाता है। गालियां देने का प्रचलन दिनों दिन […]

प्रिय लोकतंत्र बता, हम अपनी भूख को कैसे मिटायें? क्या धूर्तता से भरी मनुस्मृति खाएं?

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1 year ago

प्रिय लोकतंत्र बता… अपनी भूख को हम कैसे मिटायें? भूख से बिलबिलाते एड़ियां घिसकर मरते लोगों का आक्रोश खाएं? या उनकी अंतिम विधि के लिए सूद से लिया कर्ज़ खाएं? आत्महत्या करने वाले किसानों की पेड़ों से टंगी लाशों का फ़ांस खाएं? या आत्महत्या करने के बाद मिलने वाला सरकारी पैकेज खाएं? किसानों की आत्महत्या का दरवाज़ा खोलने वाला गेट […]

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