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क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक अफसर बेईमान क्यों नहीं है?

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10 months ago

क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक अफसर बेईमान क्यों नहीं है? किसी दफ्तर में इन समूहों के कर्मचारी और अफसर सबसे कम रिश्वतखोर क्यों होते हैं? सवर्णों के बराबर वेतन के बावजूद एक बहुजन अफसर की गाड़ी छोटी क्यों होती है? इनके मकान छोटे क्यौं होते हैं? यह जानने के लिए एक सवाल का […]

लालू यादव ‘ललुआ’ हो गए, जगन्नाथ मिश्रा ‘जगन्नाथ बाबू’ ही बने रहे, यही तो खेल है

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10 months ago

उसी चारा घोटाले में फसने पर जगन्नाथ मिश्रा ‘जगन्नाथ बाबू’ बने रहते हैं, पर लालू प्रसाद ‘ललुआ’ हो जाते हैं। लालू प्रसाद से ‘ललुआ’ तक की फिसलन भरी यात्रा में लालू प्रसाद की सारथी रही मीडिया का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करना चाहिए। सांप्रदायिकता से जूझने वाला सियासतदां, पत्थर तोड़ने वाली भगवतिया देवी, जयनारायण निषाद, ब्रह्मानंद पासवान, आदि को संसद भेजने वाले, […]

ज्योतिबा और डॉ. अंबेडकर में एक समानता और एक स्वाभाविक प्रवाह को देखने की आवश्यकता

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11 months ago

ज्योतिबा फुले और आम्बेडकर का जीवन और कर्तृत्व बहुत ही बारीकी से समझे जाने योग्य है. आज जिस तरह की परिस्थितियाँ हैं उनमे ये आवश्यकता और अधिक मुखर और बहुरंगी बन पडी है. दलित आन्दोलन या दलित अस्मिता को स्थापित करने के विचार में भी एक “क्रोनोलाजिकल” प्रवृत्ति है, समय के क्रम में उसमे एक से दूसरे पायदान तक विकसित […]

1967 से समाजवाद की अलख जगा रहे गणेश यादव का यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में क्या था रोल?

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11 months ago

हमारा विधानसभा क्षेत्र रामपुर कारखाना 339 है। यह 2012 में नए विधानसभा क्षेत्र के रूप में सृजित हुवा। हमारे वहां से इस नवसृजित विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीमती गजाला लारी जी थीं तथा 2017 में उन्हें ही पुनः टिकट मिला था। 2012 के चुनाव में मैं भी टिकट का अभ्यर्थी था लेकिन गजाला जी टिकट पा गयीं और हमलोग साथ […]

क्या मैं हर किसी की उम्मीद बन सकता हूं?

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12 months ago

हर बातचीत इसी बात से शुरू होती है कि मैं ही उम्मीद हूं। हर बातचीत इसी बात पर ख़त्म होती है कि आपसे ही उम्मीद है। ऐसा कोई दिन नहीं होता है जब बीस से पचीस फोन अलग अलग समस्याओं को लेकर न आते हों। बातचीत से ही कॉलर की लाचारी और पीड़ा झलकने लगती है, बात करते करते मैं […]

‘राष्ट्र को नोटबंदी की सालगिरह का तोहफ़ा हैं मुकुल रॉय’

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12 months ago

8 नवंबर को नोटबंदी की पहली सालगिरह है। इस मौके पर मुकुल रॉय से अच्छा नेशनल गिफ्ट क्या हो सकता है। बिना वजह काले धन के आरोपी दूसरे दलों में घूमते दिखे, यह नोटबंदी की सफलता के ऑप्टिक्स के लिए भी अच्छा नहीं है। इसलिए बीजेपी उन्हें अपने घर ले आई। अब भाषण ही तो देना है तो दो घंटे […]

प्रधानमंत्री जी गुजरात के वे 50 लाख घर कहां हैं?

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12 months ago

2012 में जब गुजरात में चुनाव करीब आ रहे थे तब गुजरात में घर को लेकर काफी चर्चा हो रही थी। कांग्रेस ने गुजरात की महिलाओं के लिए घर नू घर कार्यक्रम चलाया था कि सरकार में आए तो 15 लाख प्लाट देंगे और 15 लाख मकान। कांग्रेस पार्टी के दफ्तरों के बाहर भीड़ लग गई थी और फार्म भरा […]

मेरा भारत महान! क्या सच में….

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12 months ago

जब बचपन मे स्कूल जाते थे तो ट्रकों, मकान के आगे, स्कूल के गेट पर लिखा मिलता था मेरा भारत महान। बच्चे थे समझ नही पाते थे इसका मतलब टीचर से पूछा तो उसने बताया था कि मेरा जो भारत है वो सबसे अच्छा है। पूरी दुनिया मे सबसे अच्छा, सर्वोपरी है। यहां 6 ऋतूएं हैं, दुनिया के महान ग्रंथ […]

किसानों का मरना राष्ट्रहित नहीं होता है क्या?

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12 months ago

तमिलनाडु के तिरुनेवेली ज़िले में साहूकार ने एक परिवार को इतना तंग कर दिया कि परिवार के तीन सदस्यों ने ख़ुद को जला डाला है। तीन लोग मर गए। सोमवार सुबह इसाक्की मुथु, उनकी पत्नी सुबुलक्ष्मी, पांच साल की मदिसरन्या डेढ़ साल के अक्षय भरनी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। हम सब इसे देख रहे हैं. बर्दाश्त कर रहे […]

क्या कोर्ट को भी FIR के लिए सरकार से पूछना होगा?

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12 months ago

जयपुर से हर्षा कुमारी सिंह ने khabar.ndtv.com पर एक रिपोर्ट फाइल की है। ख़बर न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया ने भी इस बारे में लिखा है। मैंने विधेयक का प्रावधान तो नहीं पढ़ा है लेकिन मीडिया में आ रही ये ख़बरें डरे हुए प्रेस को और भी डराने वाली हैं। राजस्थान में वसुंधरा सरकार सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र […]

राजनीति के ज़हरख़ुरानी गिरोह से सावधान

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1 year ago

महाराष्ट्र के यवतमाल में कीटनाशक के ज़हर से बीस किसानों की जान चली गई है। आठ सौ किसान अस्पताल में हैं। अठारह सौ किसान ज़हर से प्रभावित हुए हैं। जिसने ज़हर पी उसकी कोई बात नहीं। उन्हें यह भी कहने का मौका नहीं मिला कि वे शिव के उपासक थे। प्रधानमंत्री ने अपने गाँव वडनगर के दौरे पर कहा कि […]

अखिलेश यादव के शिलापटों को तोड़, यूपी योगी जी के नेतृत्व में विकास की ओर……

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1 year ago

बस अंतर सिर्फ सोच का है, किसी को निर्माण पसन्द है तो किसी को विध्वंश। समाज मे दोनों तरह की धाराएं मौजूद हैं, ये रहनी भी चाहिए क्योंकि यदि विध्वंश न होगा तो पुनर्निर्माण भी न होगा। यदि वर्तमान सरकार के लोग शिलापट्ट न तोड़ेंगे तो अखिलेश यादव व अन्य का अंतर कैसे ज्ञात होगा? जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ दी, […]

क्या हमारे वकील, कंपनी वाले विदेशी संपादकों या चैनलों पर मानहानि करने से डरते हैं?

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1 year ago

आस्ट्रेलिया के जिन शहरों का नाम हम लोग क्रिकेट मैच के कारण जानते थे, वहां पर एक भारतीय कंपनी के ख़िलाफ़ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को एडिलेड, कैनबरा, सिडनी, ब्रिसबेन, मेलबर्न, गोल्ड कोस्ट, पोर्ट डगलस में प्रदर्शन हुए हैं। शनिवार को आस्ट्रेलिया भर में 45 प्रदर्शन हुए हैं। अदानी वापस जाओ और अदानी को रोको टाइप के नारे […]

क्या हिन्दू शासकों से बेहतर थे मुस्लिम/ईसाई शासक?

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1 year ago

आगरा फोर्ट का भ्रमण अपने छोटे बेटे कुणाल भूषण के साथ किया। दीवाने आम, दीवाने खास सहित विभिन्न महलों व ऐतिहासिक भवनों को देखकर लगा कि मुगलों ने जो किले व स्मारक बनवाये वे कितने उम्दा किस्म के हैं कि 400 वर्ष से ज्यादा समय बाद भी अपनी भव्यता कायम किये हुए है। राज तो बहुत सारे लोगों ने किया […]

भारत के सौ अमीरों की संपत्ति में 26 फीसदी की वृद्धि हुई, क्या आपकी संपत्ति, सैलरी इतनी बढ़ी है?

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1 year ago

नौकरी का डेटा है मंत्री जी ? भारत की अर्थव्यवस्था में भयंकर गिरावट है या मामूली गिरावट है, एक दो तिहाई भर की गिरावट है या एक दो साल के लिए है, इसे लेकर ज़ोरदार बहस चल रही है। दावे प्रतिदावे हो रहे हैं। इससे अच्छे परिणाम ही आएँगे। विश्व बैंक के प्रमुख ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था […]

इतिहास बार-बार लौट कर यही बताता रहेगा कि नोटबंदी बेमतलब का थोपा गया फैसला था-रवीश कुमार

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1 year ago

प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था में गिरावट को स्वीकार किया है। उन्होंने माना है कि जीडीपी कम हुई है लेकिन उनके कार्यकाल में एक बार कम हुई है। यूपीए के कार्यकाल में आठ बार गिर कर 5.6 पर आई थी। वित्तमंत्री भी जी एस टी में सुधार की बात कर रहे हैं। पहले कोई स्वीकार ही नहीं कर रहा था कि जीएसटी […]

स्वच्छता दिवस, भ्रष्टाचार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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1 year ago

2 अक्टूबर साल का इकलौता ऐसा दिन था.. जिस दिन सत्य, अहिंसा की कहानियां सुनाई जाती थीं.. बताया जाता था की कैसे बिना हिंसा के भी अपनी बातें मनवाई जा सकती हैं… आज भी याद है की अब की तरह उस दिन छुट्टियां नहीं हुआ करती थी.. उस दिन वो पाठ पढ़ाया जाता था जिसकी ज़रूरत शायद अब हर एक […]

वित्तमंत्री जी! कीमत किसे चुकानी पड़ेगी और विकास किसका होगा?

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1 year ago

कल वित्त मंत्री ने कहा कि अगर देश के लोग विकास चाहते हैं तो कीमत तो चुकानी पड़ेगी। सभी बात है। देश के लिए और बड़े उद्देश्यों के लिए त्याग की बात तो गाँधी भी करते थे। एक बात वित्त-मंत्री ने नहीं बताई वह यह कि कीमत किसे चुकानी पड़ेगी और विकास किसका होगा। आखिर कौन सा चमत्कार हो रहा […]

क्या ‘सामाजिक न्याय’ के रास्ते पर आएगी समाजवादी पार्टी?

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1 year ago

हमारे मित्र और देश के मूर्धन्य लेखक, विचारक,सोशलिस्ट फैक्टर के सम्पादक, कवि, नाटककार एवं स्तम्भकार फ्रैंक हुजूर जी की जागृति के चलते एवं देश के लब्ध प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज (JNU, DU, IIT, BBAU, LU, AU) के पिछड़े/दलित रिसर्च छात्रों की सामाजिक न्याय के प्रति अटूट आस्था ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी से घण्टो मिलकर वार्ता करने […]

मनुवादी परंपरा को चुनौती: दुर्गा पूजा मनाने वालों पर FIR दर्ज

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1 year ago

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजुर थाने में दुर्गा पूजा के बहाने आदिवासियों का अपमान करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। यह ऐतिहासिक मौका है जिसका असर आने वाले समय में दिखेगा। सांस्कृतिक अत्याचार सह रहे करोड़ों लोग अब बेड़ियों को तोड़ने का साहस दिखा सकेंगे। बता रहे हैं नवल किशोर… इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक […]

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