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19 साल पुराने हत्या मामले में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को कोर्ट ने भेजा नोटिस

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महराजगंज की सत्र अदालत ने 1999 में हुई घटना के मामले में नोटिस भेजा है । जिसमे पचरुखिया में क़ब्रिस्तान और श्मशान की ज़मीन को लेकर हुए विवाद में उस समय गोरखपुर के सांसद रहे योगी आदित्यनाथ समेत कुछ और लोगो के खिलाफ महराजगंज थाने में केस दर्ज कराया गया था।

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इस मामले को महराजगंज की सीजेएम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था पर हाईकोर्ट ने इस मामले को दोबारा खोल दिया है, और मामले की गंभीरता को समझते हुई हाईकोर्ट इस केस की अगली सुनवाई अगले महीने की 29 अक्टूबर को करेगी।

कोर्ट ने योगी आदित्यनाथ से 1 हफ्ते के भीतर ही नोटिस का जवाब भी माँगा है। इस मामले में समाजवादी पार्टी की नेता तलत अजीज़ के सुरक्षा गार्ड और पुलिस कांस्टेबल सत्यप्रकाश यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। जिसके बाद महराजगंज कोतवाली में तलत अजीज़ ने योगी आदित्यनाथ और अन्य 21 लोगो ने खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। जिसमे धारा 302, 307 IPC की अन्य धाराएं भी लगाई गई है।

वही दूसरी और FIR तत्कालीन सांसद और मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से तलत अजीज़ और उनके साथियों के ख़िलाफ़ बही दर्ज कराई गई थी।

जिसमे तलत अजीज़ और उनके अन्य साथियो पर योगी आदित्यनाथ के काफिले पर पर हमला करने का आरोप लगाया गया था।


क्या था पूरा मामला

तलत अजीज़ बताती है की यह मामला 1999 का है  उन्होंने बताया की ,”क़ब्रिस्तान में एक पीपल का पेड़ था. उसे कुछ मुसलमानों ने इसलिए काट दिया क्योंकि वो सूख गया था. इसे लेकर कुछ हिन्दू लोग भड़क गए और फिर ग़ुस्से में कई क़ब्रों के पास पीपल के पेड़ लगा दिए गए. इसके चलते वहां बड़ा सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था. कई दिनों तक पीएसी तैनात रही.”

जिसके बाद वह के सांसद योगी वह अपने काफिले और समर्थको के साथ आये और फायरिंग शुरू कर दी, उनके मुताबिक फायरिंग काफी देर तक चली जिसमे तलत अजीज़ जो  समाजवादी पार्टी की नेता थी उनपर भी हमला कराया गया वह कहती हैं, “इसी दौरान मुझे लक्ष्य करके किसी ने गोली चलाई लेकिन सत्य प्रकाश यादव जो कि मेरी सुरक्षा में तैनात था, वो आगे पड़ गया और गोली लगने से उसकी तत्काल मौत हो गई.”

ये मामला 1999 से महराजगंज की सीजेएम कोर्ट में चला लगभग 19 तक और इसी साल 13 मार्च को सीजेएम कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया, अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में इस फैसले को तलत अजीज़ ने दोबारा चुनौती दी है और उच्च न्यायालय ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बाकी लोगो को नोटिस भेजा है।

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