fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

BJP के ‘शत्रु’ ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, राफेल मुद्दे पर मांगे इन सवालों के जवाब

Modi Vs Shatrughan sinha

Advertisement

राफेल डील को लेकर विपक्षी सरकार तो सवाल और जवाबों को मांग ही रही है लेकिन अब यह मुद्दा और भी गरमाने लगा है क्यूंकि अब राफेल डील को लेकर मौजूदा सरकार के अंदर से हे आवाज़ें उठनी लगी है।  हम बात कर रहे है बीजेपी शत्रु सांसद शत्रुघन सिन्हा की अब उनके द्वारा सरकार से राफेल डील पर कुछ सवालों के जवाबों को माँगा जा रहा है।

पटना साहिब से बीजेपी सांसद ने कहा सच बोलना को कोई खिलाफत नहीं है और सिंद्धान्तों में बात करना कोई बगावत नहीं उसके बाद भी अगर सच कहना बगावत है तो मैं अपने आप को बागी स्वीकार करता हूँ। उन्होनें कहा कि मुझे किसी व्यक्ति विशेष से शिकायत नहीं है मैं भारतीय जनता पार्टी का जरूर हूँ लेकिन पार्टी से पहला में देश का हूँ और बिहार की जनता का हूँ जिनके प्रति मेरी कुछ जवाबदेही बनती है।

वे कहते है की सरकार सिर्फ इस बात का जवाब दे की 126 विमानों की बात हुई थी लेकिन सरकार सिर्फ 36 विमानों पर ही समझौता क्यों कर लिया ? सरकार ने किन शर्तों पर समझौता किया ?

दाम इतने क्यों बढ़ा दिए गए? एक झूठ या एक सच को छिपाने के लिए सरकार 10 झूठ बोल रही हैं. उन्होंने कहा कि इस मामलें में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए.


उन्होनें कहा की मैं सिंद्धान्तों में विश्वास करता हूँ और सिंद्धान्तों से समझौता करने की मेरी आदत नहीं है, मेरी आदत है सच को सच कहने की और अगर कोई तारीफ़ के लायक काम करता है भले हे वो विपछी पार्टी क्यों न हो अगर वो तारीफ़ के लायक है तो मैं उसकी तारीफ़ करूँगा। और अगर वो गड़बड़ करता है या फिर मेरे ही  लोग कुछ गड़बड़ करे तो सफ़ेद का सफ़ेद और काले को काला कहता हूँ।

उन्होंने कहा कि मैं यह शाबित नहीं कर रहा की राफेल मुद्दे पर कौन दोषी है और कौन नहीं। वह तो जाँच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन जो भी बातें सीधी-सीधी पूछी जा रही है, उसका सामने आना जरूरी है, जो की राष्ट्रहित में और देशहित में है। आप राहुल गांधी को जवाब नहीं देना चाहते, या किसी भी विपक्ष पार्टियों को जवाब नहीं देना चाहते हैं तो नहीं दें, लेकिन पूरे देश में इसको लेकर चिंता हो रही  है कि इसके पीछे क्या वजह रही होगी कि राफेल डील को क्यों सिर्फ 13 दिन पहले बनी कंपनी के हवाले सौप दिया गया , वह भी एचएएल जैसी बड़ी कंपनी को छोड़कर. इसकी पीछे क्या वजह है आप सिर्फ यही बता दो. आप दाम भी नहीं बता रहे हो, फिर उसके बाद आपका कहना है कि जो डील यूपीए के समय हुई थी यह डील उससे 9 प्रतिशत सस्ते  में हुई है।

Latest अपडेट के लिए National Dastak पेज को Like और Follow करे

0
To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved