fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

बिहार CM नितीश के खिलाफ केस लड़ रहा है बक्सर का पूरा महादलित टोला

Advertisement

बिहार के बक्सर ज़िले का नंदन टोला मुख्यमंत्री नितीश के खिलाफ केस लड़ रहा है। जिसमे उस टोले के 91 लोग शामिल है। नंदन टोला के यह लोग पिछले आठ महीने से सरकार के खिलाफ केस लड़ रहे है, क्यूंकि इसी साल 12 जनवरी को मुख्यमंत्री के काफिले पर पत्थरबाजी की घटना हुई थी, जिसमे नंदन टोला के 91 लोगो पर डुमरांव थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया और उसमे से बहुत से लोगो को गिरफ़्तार भी कर लिया गया।

क्या है घटना का पूरा सच?

नंदन टोला बक्सर ज़िले के डुमरांव प्रखंड में आता है, जिसकी कुल आबादी 5000 करीब है। इस गांव में SC-ST वह OBC की बहुलता है। पर इस गांव के मुखिया बबलू पाठक है, जिनकी देखरेख में ‘सात निश्चय योजना’ के तहत तीन लाख पांच हजार रुपये की लागत से गली ‌और नाली के पक्कीकरण का काम कराया गया है। पर सच्चाई कुछ अलग ही है गांव में कुछ दूर तक तो पक्की गली है पर जहा से दलित टोले की शुरुआत होती है वह कुछ काम ही नहीं हुआ।

12 जनवरी को इसी साल मुख़्यमंत्री ‘सात निश्चय योजना’ की समीक्षा यात्रा पर नंदन गांव के दौरे पर आये। वहा के एक अभियुक्ता सुमित्रा देवी बताती है की “इन्हीं गलियों और नालियों के लिए तो हमलोगों को झेलना पड़ रहा है. यह सब (नीचे और आस-पास की जमीन दिखाते हुए) पक्का हो गया रहता अगर वो घटना नहीं घटती. और हुआ क्या था? कुछ नहीं था.”


”उस दिन (12 जनवरी को) नीतीश कुमार आए थे. रास्ता, पक्की गली और नाली की हमारी मांग बहुत दिनों से थी. हमलोगों को बोला गया कि नीतीश कुमार नंदन गांव में ही आए हैं तो उनसे जाकर गुहार लगाएं कि चलिए हमारी हालत देख लीजिए.”

”लेकिन हम कह भी कहां पाएं! विधायक ददन पहलवान पहले तो हमलोगों को ले गए फिर हमीं लोगों को मार कर भगाने लगे. औरतों को पकड़ कर फेंकने लगे. अब आप ही बताइए कोई भी बाप और बेटा अपने घर की औरत के साथ ऐसा होता हुआ देखेगा!” इतना कहकर वह रोने लगी।  जिसके बाद उनके बेटे संजय ने बताया की हमलोगो को हमारे विधायक ददन पहलवान ही काफिले में ले गए थे पर जब हमने अपनी मांग रखी तो उन्होंने हमारे साथ मारपिटाई करी और पुलिस को उकसा दिया। हमलोगो को तोह मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं दिया गया।

नंदन टोला के लोगो के अनुसार काफिले पर पत्थरबाजी किसी और ने करी जिसकी फोटो भी चूका है पर नाम नंदन टोला के दलितों का लगा दिया है। 700 से ज्यादा अज्ञात लोगो के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर टोला के सभी दलितों को गिरफ्तार कर लिया और जमानत भी नहीं दी गई। गांव में कोई पुरुष नहीं है पुलिस आती है और वह महिलाओ पर ज्यातती करती है।

सोमवार को भी 35 लोगों के जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. मगर जमानत पर फैसला रिजर्व रख लिया गया।

News Source: BBC News

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved