fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

योगी का फरमान, बिजली बिल ना भरने पर नहीं मिलेगा राशन और न कोई सरकारी लाभ

after-expensive-electricity-in-up-now-preparing-to-rob-on-ration-if-the-bill-is-not-filled-you-will-not-get-the-benefit-of-any-scheme

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने ऐसा फरमान जारी कर दिया है जिसके कारण आम जनता को अब सड़को पर आने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के कई जिलों के जिला अधिकारियों ने योगी सरकार के निर्देश पर ऐसा कठोर दिया आदेश जारी किया है, जो स्थानीय निवासियों के मूल नागरिक अधिकारों का हनन करते हैं। जौनपुर के डीएम ने बुधवार को कड़ा निर्णय लेते हुए कहा है कि अगर कोई शख्स अपना बिजली का बिल नहीं भरा है तो सब्सिडी वाले राशन वितरण समेत सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं के लिए उसके आवदेन पर विचार नहीं किया जाएगा।

Advertisement

सभी जिला प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इसी एक अक्टूबर से अगर कोई शख्स अपनी बिजली बिल की हालिया भुगतान पर्ची नहीं दिखा पाए तो उसे राज्य सरकार की कोई सहायता ना दी जाए उसको सरकार की तरफ से मिलने वाले सभी फायदों और योजनाओं से बाहर कर दिया जायेगा। आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी के आदेश दिए गए है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि जन्म प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों को आगे बढ़ाने या कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल जमा करना बहुत जरूरी हो गया है।”डीएम का आदेश पूर्वी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। यहां गोरखपुर समेत कई अन्य जिलों ने बकाया बिजली बिल को जल्दी वसूलने के लिए ऐसे आदेश जारी कर दिए हैं। नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने से रोकना एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है क्योंकि इससे नागरिकों को उनके मूल अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

हालांकि जौनपुर के मुख्य विकास अधिकारी  गौरव वर्मा ने कहा कि आशा है की इस नए आदेश को लोग ईमानदारी से स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, “गोरखपुर जैसे अन्य जिलों में ऐसे आदेश जारी किए गए हैं। लोग अब अपने बिजली बिलों का भुगतान कर रहे हैं, बकाया पहले से कम हुआ है। सरकार द्वारा बढ़ाये गए बिजली की दरों से जनता को भरी बिल चुकाने पड़ रही है।  बाकी राज्यों के मुकालबे उत्तर प्रदेश में प्रति यूनिट बिजली के रेट काफी अधिक है। नेताओ को फ्री में बिजली मुहैया करवाई जाती है वही आम जनता के लिए कुछ घंटे आने वाली बिजली के लिए भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

दिल्ली जैसे राज्यों में जहाँ 200 यूनिट बिजली की खपत मुफ्त कर दी गई है वही उत्तर प्रदेश में जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।  इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा कि बकाया भुगतान होना चाहिए लेकिन सरकार जनता से उनके कल्याणकारी अधिकारों से वंचित नहीं रख सकती। सिंह ने कहा, “उनका क्या जिनका ना घर है और ना ही बिजली कनेक्शन। इसके अलावा, सरकार अगर जन्म प्रमाणपत्र जारी करने या राशन देने के लिए भी बिजली बिल के भुगतान की पर्ची मांगेगी तो यह समाजवादी राज्य की प्रसांगिकता पर बड़ा सवाल पैदा करेगा।”


Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved