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तमिलनाडु: 4,600 इंजीनियरों ने 14 सफाई कर्मचारियों के पदों के लिए दिया आवेदन

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(Image Credits: Puthiyathalaimurai)

मोदी सरकार ने भारत में 1 करोड़ रोजगार देने का वायदा किया था। और सरकार के लगभग 5 साल भी पुरे होने वाले हैं। लेकिन हमे नहीं लगता की 1 करोड़ युवाओं को रोजागर मिल भी पाया है नहीं। मोदी सरकार ने पुरे पांच साल जुमले में ही बिता दिए।

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देश भर में लाखों युवा अच्छे से अच्छे पाठ्यक्रमो में दाखिला लेने के लिए जाने कितने सालों की मेहनत करते हैं। और यह उम्मीद लगाते है की भविष्य में अपनी योग्यता के आधार पर किसी अच्छे संस्थान में नौकरी हासिल करके अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएंगे। लेकिन इतनी मेहनत करने के बाद भी वह अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी हासिल करने में असफल रहते हैं।

आज हम भारत के युवा के कुछ इसी प्रकार की स्थिति के बारे में बात करने वाले है। दरअसल 26 सितंबर को, तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय ने सफाईकर्मियों और सेनेटरी कार्यकर्ता के 14 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे है। वहीं  इन 14 रिक्त पदों के लिए 4,607 लोगों ने आवेदन दिए हैं।

स्वीपर के पद के लिए एकमात्र योग्यता यह थी कि इच्छुक उम्मीदवार फिट और स्वस्थ होना चाहिए और शारीरिक रूप से अक्षम नहीं  होना चाहिए। और उम्मीदवार की आयु सीमा 18 वर्ष पूर्ण हो गई हो, वहीं इसके लिए अधिकतम आयु अलग अलग बताई गई है।

देश में नौकरियों की इस प्रकार संकट आन पड़ी है की, बी.टेक, एम.टेक और एमबीए जैसी व्यावसायिक योग्यता रखने वाले लोग postgraduates के साथ-साथ स्नातक युवा तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय में स्वीपर के पदों पर काम करने के लिए तैयार है।


देश का मजबूर युवा बेरजगारी से परेशान हो चूका है। अब वह यह नहीं देखता की उसे उसकी पसंद की ही नौकरी मिलें। बल्कि अब तो वह किसी भी पद पर नौकरी करने को तैयार है। तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय में बड़ी योग्यता रखने वाले लोगो का स्वीपर पद के लिए आवेदन करना इसका ही उदाहरण हैं।

छात्रों को किसी भी तरह की नौकरी को चुनने के लिए मजबूर किया जाता है, भले ही उन्हें अपने क्षेत्र को बदलने की आवश्यकता क्यों न हो, क्योंकि उन्हें अपने संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध कोई रिक्तियां नहीं मिल पाती हैं।  14 पदों के लिए इतने लोगो का एक साथ आवेदन करना राज्य में कही न कहीं बेरोजगारी की स्थिति को भी बयान करता है।

बता दें की जब कोई सरकार पकोड़ा बेचने के काम को भी रोजगार का नाम देती है, तो उस सरकार से हम और अपेक्षा भी क्या कर सकते हैं। युवा देश के भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान रखते हैं। और मोदी सरकार में युवाओ का ऐसा हाल होना चिंता का विषय है।

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