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ABVP के DUSU अध्यक्ष अंकिव बसोया का पकड़ा गया झूठ, जमा किये थे जाली दस्तावेज

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विद्यार्थी परिषद् ( ABVP ) के सदस्य, दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव ( DUSU Election 2018 ) में अध्यक्ष पद पाने वाले अंकिव बसोया अपने जाली दस्तावेजो के मामले में फसते ही जा रहे है। तमिलनाडु के विश्वविद्यालय का कहना है की अंकिव बसोया  उनके छात्र नहीं है। इस बात ने तूल तब पकड़ी जब दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए नकली दस्तावेज दिए गए, इसके बाद तमिलनाडु विश्वविद्यालय ने राज्यसरकार को यह जानकारी दी। अंकिव बसोया पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने यह आरोप लगाया है की उन्होंने दाख़िले के लिए नकली दस्तावेजों का सहारा लिया है और वही एबीवीपी का कहना था की बसोया के दस्तावेजों की उच्च जाँच पड़ताल के बाद ही उनको यूनिवर्सिटी में दाखिला दिया गया है।

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तमिलनाडु सरकार के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि वेल्लौर में स्थित तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय ने तमिलनाडु उच्च शिक्षा विभाग को लिखा कि अखिल भारतीय  विद्यार्थी परिषद् के नेता ने इस विश्वविद्यालय में या इससे सम्भंधित कॉलेज में दाखिला नहीं लिया। उन्होंने कहा “हाँ”, उन्होंने यह बात लिखित में दिया है। हाल ही में अंकिव बसोया ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था और एनएसयूआई के द्वारा नकली दस्तावेज होने का आरोप लगाया गया तब से इस मामले ने तूल पकड़ा।

एनएसयूआई की तरफ से मांगी रिपोर्ट पर तिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी ने बताया था की बसोया की तरफ से दिए गए बी.ए का प्रमाण-पत्र नकली है  एनएसयूआई का कहना है कि एम.ए में दाखिले के लिए बसोया ने  एक मार्कशीट दी थी परन्तु तिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी का कहना है की ऐसे किसी नाम के छात्र का दाखिला नहीं किया गया यहाँ तक मार्कशीट पर मौजूद सीरियल नंबर उनके रिकार्ड मे नहीं है। एबीवीपी ने इस बात को ठुकरा दिया है उनका कहना है की उचित जांच-पड़ताल के बाद ही दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बसोया को दाखिला दिया।

दिल्ली यूनिवर्सिटी का कहना है की आज भी डीयू को यूनिवर्सिटी में किसी भी छात्र  के दस्तावेजों की जांच-पड़ताल का हक़ है लेकिन  किसी भी व्यक्ति को प्रमाण पत्र देना एनएसयूआई का काम नहीं है। इस मामले में आरएसएस के छात्र संगठन का कहना है की डीयू को न सिर्फ बसोया बल्कि डूसू के सभी पदाधिकारियों के दस्तावेज की जांच करने का अधिकार है ताकि ऐसी अफवाहों पर भविष्य में लगाम लगाया जा सके।


पिछले हफ्ते ख़त्म हुए डूसू के चुनाव में एबीवीपी को अध्यक्ष सहित तीन पदों पर जीत मिली थी जबकि एनएसयूआई ने सचिव पद पर जीत हासिल की थी.

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