fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा- मनुवादियों के गुलाम थे ‘दलित’ हनुमान, भगवान राम ने उनको बंदर बनाया

BJP-MP-Savitri-Bai-Phule-said: -'Dalit'-Hanuman-slaves-the-manuwadi-people,-Lord-made-him-monkey
(Image Credits; theprint)

योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान हनुमान को दलित बताये जाने पर हंगामा थमने का नाम ही नहीं ले रहा। अब इसी विवाद में बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने योगी द्वारा दिय गए बयान को सही ठहराया है। उन्होनें कहा की हनुमान जी दलित थे लेकिन एकदम आगे बढ़कर उन्होने यह भी कहा कि मनुवादियों के गुलाम थे।

Advertisement

बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने मंगलवार को कहा, ‘हनुमान दलित थे और मनुवादियों के गुलाम थे. अगर लोग कहते हैंं कि भगवान राम हैं और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमान जी ने किया था. उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिये था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया. उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गयी. चूंकि वह दलित थे इसलिये उस समय भी उनका अपमान किया गया.’

भाजपा सांसद ने कहा की हनुमान दलित थे और उनको मनुवादियों का गुलाम बताया। भगवान राम ने उन्हें बंदर बना दिया और उनके मुहं पर कालिख पोत दी चूकिं हनुमान दलित थे इसीलिए उस समय भी उनके साथ अपमान किया गया।

उन्होंने आगे कहा, हम तो यह देखते हैं कि अब देश तो ना भगवान के नाम पर चलेगा और नाहीं मंदिर के नाम पर. अब देश चलेगा तो भारतीय संविधान के नाम पर. हमारे देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है. उसमें सभी धर्मो की सुरक्षा की गारंटी है. सबको बराबर सम्मान व अधिकार है. किसी को ठेस पहुंचाने का अधिकार भी किसी को नहीं है. इसलिए जो भी जिम्मेदार लोग बात करें भारत के संविधान के तहत करें, गैर जिम्मेदाराना बात करने से जनता को एक बार सोचने पर मजबूर करता है.

दरअसल ये पूरा विवाद योगी आदित्यनाथ के बयान के कारण हुआ है। योगी ने राजस्थान के अलवर में एक रैली को सम्बोधित करते हुए कहा था कि हनुमान जी दलित और वनवासी थे। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री विवादों में फस गए हैं। योगी के इस बयान के लिए उनके खिलाफ नोटिस भी जारी हुआ था।


Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved