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Budget 2019: मोदी सरकार द्वारा अहम माने जाने वालो योजनाओ में की कटौती, रोजगार और कौशल भारत भी शामिल

Budget 2019:-Reduction-on-the-budget-of-those-plans-which-has-been-known-to-important-for-the-Modi-government,-jobs-and -skill-india-are-included
(image credits: Business Today)

शुक्रवार को वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्य कार्यकाल का बजट पेश किया। बीजेपी सरकार के अनुसार यह बजट रोजगार, गरीबी और मध्य वर्ग के लोगो के लिए बेहतर शाबित होगा। बजट में रोजगार गारंटी, रक्षा, रेलवे समेत 120 योजनाओं के मद में पैसा आवंटित किया गया। वहीं इस बजट में पिछली बार के मुताबिक बहुत से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारी कटौती की गई है। बजट में मोदी सरकार के लिए फ्लैगशिप माने जाने वाले योजनाओं में भी कमी की गई है।

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बता दें की पियूष गोयल ने इस साल फरवरी में चुनाव से पहले मोदी सरकार की तरफ से अंतरिम बजट पेश किया था। इस बार बजट में स्वच्छ भारत योजना के तहत 12644 रुपये आवंटित किए गए है। वहीं, पीयूष गोयल ने इस योजना के लिए 12750 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। जिसमे कमी देखी जा रही है, बता दे की स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री मोदी की अहम योजनाओ में से एक है।

इसके साथ ही बजट में पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ी योजना में सबसे अधिक कटौती की गई है। पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे अधिक कटौती 400 करोड़ रुपये सेंट्रल पूल ऑफ रिसोर्स फॉर नॉर्थ ईस्ट और सिक्किम के मद में हुई है। पीयूष गोयल ने पूर्वोत्तर से जुड़ी इस योजना में 931 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। दूसरी और इस बार इस मद में 531 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं। यहां भी पिछले बजट की तुलना में कटौती देखी गई।

इसके साथ ही पुलिस इंफ्रास्ट्रक्टर भी सरकार की प्राथमिकता के लिए थोड़ा नीचे आ गया है। अंतरिम बजट में जहां इस मद में 5117 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। परन्तु इस बार इसमें 360 करोड़ रुपये की कटौती करते हुए 4757 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में जुडी योजनाओ में कमी करना हैरान करने वाला लगता है। मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास की बाते तो करती है परन्तु सच्चाई कुछ और ही है, प्रधानमंत्री मोदी पूर्वोत्तर राज्यों को देश का अभिन्न हिस्सा तो मानते है लेकिन जब उनके विकास की बात आई तो उनके बजट में कटौती की गई, जो की उचित नहीं लगता है।

अब हम बात करते है मोदी सरकार द्वारा लाये गए स्किल इंडिया (कौशल भारत) योजना की, इस बजट में कौशल विकास से जुड़े योजनाओ पर भी सीतारमण ने कैची चला दी है। इसके साथ ही रोजगार पर भी बीजेपी द्वारा इस बजट में कटौती की गई। पीयूष गोयल ने इस मद में 7511 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।दूसरी तरफ वित्त मंत्री ने इस योजना की राशि को कम कर 7260 करोड़ रुपये कर दिया है।


रोजगार जो की इतना महत्पूर्ण विषय है और जिसको भी कहीं न कहीं मुद्दा बनाकर बीजेपी ने इस चुनाव में बड़े जनादेश के साथ जीत भी हासिल किया है। ऐसे में सरकार द्वारा इन क्षेत्रों में बजट में कटौती करना बिलकुल भी उचित नहीं है।

इस प्रकार देखा जाये तो मौजूदा सरकार ने रोजगार और कौशल विकास के लिए 251 करोड़ रुपये कम कर दिए गए हैं। स्मार्ट सिटी भी बस बातों में भी रह गए और अमृत और स्मार्ट शहर मिशन के लिए अंतरिम बजट में आवंटित राशि में 150 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई है। पूरा पूरा हिसाब लगाए तो पिछले अंतरिम बजट में इस मद में 13900 करोड़ रुपये दिए गए थे। जबकि इस बार की राशि 13750 करोड़ रुपये ही रही। इसके साथ ही हरित क्रांति योजना में 51 करोड़ रुपए की कटौती की गई।

इस पुरे बजट पर अगर ध्यान से गौर किया जाये तो, बीजेपी सरकार ने उनके ही द्वारा अहम माने जाने वाले योजनाओ को दी जाने वाली राशि में कमी की है। इससे तो यह शाबित है की मौजूदा सरकार ने फिर से अपने किये गए गए वादों को जुमलों में परिवर्तित कर दिया है। बीजेपी के ऐसे रवैये से उनके दोहरे चरित्र का पता चलता है।

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