fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

अपनी ही ज़मीन के लिए पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठा है दलित परिवार, जानिए पूरी वजह

agra-dalit

आगरा में एक दलित परिवार को आजकल अपने ही ज़मीन के लिए धरने पर बैठने की जरुरत क्यों पड़ रही है, क्या योगी सरकार ने दलितों से सम्बंधित मुद्दों पर इतने ढिलाई क्यों बरतती है। वही स्वर्णो को दो से तीन दिनों के भीतर ही मुआवज़ा मिल जाता है।

Advertisement

राज्य सेतु निगम के द्वारा एक दलित परिवार की आवासीय जमीन पर सरकार में अधिग्रहण कर लिया। अब दलित परिवार अपने सालो की मेहनत और जमा पूंजी से ले गई ज़मीन के लिए धरने पर बैठ गया । दलित परिवार पिछले पांच दिने से धरने पर बैठा हुआ है। लेकिन सरकार के कान में तो जू तक नहीं रेंगती, सरकार कुम्भकरण की नींद सोये हुए है दलितों से सबंधित मुद्दा जो ठहरा।

वही हालत की गंभीरता को समझते हुए समाजवादी पार्टी के नौजवान सभा ने मौके पर पहुंच कर हंगामा किआ और सरकार विरोधी नारे लगाए तब जाकर सरकार की नींद खुली है और ज्ञापन लेकर मामले में जाँच के आदेश देने का आश्वाशन दिया है।

एत्मादपुर के बरहन के गोला का है परिवार

पूरा मामला एत्मादपुर के बरहन के गोला में रहने वाले सत्य प्रकाश पुत्र हीरालाल के परिवार का है। जहा उनके आवासीय भूमि को जबरदस्ती अधिग्रहित कर लिया गया था। जिसके बाद परिवार वहा के जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर बैठ गया था। प्रसाशन की और से धरने को समाप्त करने की लाख कोशिश भी असफल रही छोटे छोटे बच्चो और महिलाओ के साथ परिवार पांच दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठा था।

समाजवादी पार्टी नौजवान सभा ने लगाए नारे

agra-dalit


समाजवादी पार्टी नौजवान सभा के हस्तछेप के कारण ही जिलाधिकारी की आँख खुली और जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। दलित परिवार की आवासीय ज़मीन को अलीगढ से बचाकर उन्हें वापस की जाए या उनकी सहमति से उन्हें उचित मुवावज़ा दिया जाए। समाजवादी पार्टी नौजवान सभा ने यह भी कहा की यदि ऐसा नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी नौजवान सभा अनिश्चितकाल धरने पर बैठ जाएगी और उससे जो भी प्रस्तुति पैदा होगी उसकी जिम्मेदारी स्वय जिला प्रशासन की होगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved