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3-4 फरवरी को दिल्ली यूनिवर्सिटी में आयोजित होगा दलित लिटरेचर फेस्टिवल

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Image Credits: TwoCircles.net

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पहले दलित लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है। यह फेस्टिवल दलित समाज के सभी वर्ग के लोगो को पहचान दिलाने का काम करेगा। 3-4 फरवरी को आयोजित होने वाले इस दलित लिटरेचर फेस्टिवल में भारत की 20 भाषाओं के दलित, आदिवासी, महिला, घूमंतू और अलपसंख्यक समुदाय के लेखक इस फेस्ट में शामिल होंगे। साथ ही, 15 भाषाओं के लेखक, कलाकार, गायक, नाटककार, संस्कृतिकर्मी शामिल होंगे।

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इस फेस्टिवल में मुख्य रूप से बहुजन समाज के काफी कलाकार शामिल होने वाले है वही इस फेस्टिवक में मुख्य अथिति के रूप में महाराष्ट्र से साहित्य अकादमी अवॉर्ड विनर मराठी आदिवासी लेखक लक्ष्मण गायकवाड़, गुजरात से कवि गोवर्धन बंजारा के अलावा हिंदी लेखक मोहनदास नैमिशराय, बल्लीसिंह चीमा, ममता कालिया भी इस फेस्ट का हिस्सा बनेंगे।

आपको बता दे की इस फेस्टिवल के आयोजन दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित किया जायेगा। दलित लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन पहली बार दिल्ली के कॉलेज में होने के कारन बहुजन समाज के सभी विद्यार्थियों के साथ साथ अलग अलग राज्यों के लोगो में भी इसका उत्साह देखने को मिल रहा है।

वही इस फेस्ट में महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात समेत कई राज्यों के लोक गायक यहां पहुंचेंगे और दलित आदिवासी परंपरा को पेश करेंगे। दलित लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन करोड़ीमल के हिंदी विभाग का आंबेडकरवादी लेखक संघ कर रहा है।

वही जब इस फेस्ट के आयोजक डॉ. नामदेव से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया की इस प्रोग्राम का मकसद साहित्य के माध्यम से भारत में सामाजिक न्याय के सवाल को आगे बढ़ाना है इसीलिए इस फेस्टिवल की थीम हमने ‘दलित’ शब्द ही रखा है, क्योंकि आज भी इस शब्द पर ही हमले हों रहे हैं। चाहें प्रगतिशील हो या प्रतिक्रियावादी, सभी को इस शब्द से परशानी हो रही है।


दलित लिटरेचर फेस्टिवल में बहुजन समाज के लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। इस फेस्ट में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है और दलित सामज के लोगो के कलाकार को अपनी कला सभी लोगो तक पहुंचाने का यह एक छोटा सा प्रयास है। इस फेस्टिवल में फेस्टिवल में मराठी आदिवासी लेखक लक्ष्मण गायकवाड़, शरण कुमार लिंबाले, आर्टिस्ट सुनील अभिमान अवचार और गुजरात से हरीश मंगलम, कवि गोवर्धन बंजारा, कन्नड़ भाषा के आदिवासी लेखक शान्था नाइक, पंजाबी के साहित्य अकादमी पुरस्कृत लेखक बलबीर माधोपुरी, क्रान्तिपाल, मदन वीरा और मोहन त्यागी फेस्ट का हिस्सा बनेंगे।

दक्षिण से बामा और अन्द्लुरी सुधाकर शामिल होंगे। हिंदी लेखकों में मोहनदास नैमिशराय, जयप्रकाश कर्दम, ममता कालिया, उदय प्रकाश, चौथीराम यादव, हरिराम मीणा, बल्ली सिंह चीमा को सुनने का मौका दर्शकों को मिलेगा। भोजपुरी भाषा से मुसाफिर बैठा, प्रह्लाद चांद दास, भोपाल से असंगघोष, लखनऊ से ज्ञानपीठ से पुरस्कृत कथाकार कवि हरेप्रकाश उपाध्याय, आगरा से लेखक मलखान सिंह भी पहुंचेंगे। मेधा पाटेकर, मगसायसाय पुरस्कार से सम्मानित आन्दोलनकर्मी बैज्वाड़ा विल्सन और दक्षिण के दलित लोकगायक ग़दर भी मौजूद होंगे।

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