fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली में NRC लागू करने की जरुरत बताई

/now-delhi-bjp-chief-manoj-tiwari-wants-nrc-in-delhi-says-situation-in-capital-dangerous

सम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर NRC की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। एनआरसी के अंतिम लिस्ट में लगभग 19 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं हैं।  ये लोग फॉरेन ट्रिब्यूनल जाकर इसके खिलाफ अपील दायर कर सकते हैं।  इस बीच दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी का बयान आया है।  उन्होंने राजधानी में भी एनआरसी की जरूरत बताई है। मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर तैयार करने की जरूरत है क्योंकि दिल्ली की स्थिति ख़राब  होती जा रही है।  अवैध अप्रवासी जो यहां बस गए हैं, वे सबसे खतरनाक हैं, हम यहां भी एनआरसी को लागू करेंगे। 

Advertisement

बीजेपी नेता मनोज तिवारी इससे पहले भी कई बार राजधानी में एनआरसी की जरूरत बता चुके हैं। इसी साल मई में एक बयान देते हुए उन्होंने कहा था, ‘रोहिंग्या घुसपैठियों से दिल्ली में लोग लगातार डर के साए में जी रहे हैं। इसलिए यहां भी नेशनल रजिस्ट्रर ऑफ सिटिजंस कानून लागू होना चाहिए, ताकि लोग चैन से रह सकें.’  दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि अवैध नागरिकों को देश से जाना होगा। मनोज तिवारी ने इस बात पर बल दिया कि दिल्ली में एनआरसी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरा देश पीएम मोदी की तरफ इस उम्मीद से देख रहा है कि वह आतंकवाद को खत्म करेंगे। 

वहीं एनआरसी के आंकड़े जारी होने के बाद कांग्रेस ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर बैठक चल रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगी। लिहाजा बैठक में इसी को लेकर रणनीति भी बनाई जा सकती है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और गौरव गोगोई भी शामिल हैं। जिन 19 लाख लोगों को एनआरसी लिस्ट में जगह नहीं मिली है, उनके लिए अब भी मौका है।  इन लोगों को फॉरनर्स ट्रिब्यूलन में 120 दिनों में अपील करनी पड़ेगी। असम सरकार राज्य में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की अंतिम सूची से निकाले गए लोगों से संबंधित मामले देखने के लिए 400 फॉरनर्स ट्रिब्यूनल्स स्थापित करेगी।  

सोमवार से ये ट्रिब्यूनल आवेदन लेना शुरू कर देगा।  पहले मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल करेगा।  बाद में आवेदन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असम में एनआरसी लागू करने की प्रक्रिया 2015 में शुरू शुरू हुई थी। एक लम्बी प्रक्रिया के बाद फाइनल लिस्ट को ज़ारी किया गया है। 


Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved