fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

दलित पैंथर के सह-संस्थापक राजा ढाले का निधन

raja-dhale-co-founder-of-radical-outfit-dalit-panthers-dies-at-mumbai-residence-ramdas-athawale-expresses-grief

आंबेडकरवादी आंदोलन के महत्वपूर्ण नेता, वरिष्ठ विचारक और दलित पैंथर के संस्थापक, लेखक राजा ढले का निधन हो गया है। मंगलवार सुबह विक्रोली में उनके आवास पर एक मामूली बीमारी से उनका निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। वह 78 वर्ष के थे। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि रोज की तरह सुबह उठने के बाद ढाले घर में ही फर्श पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया जहां उनका निधन हो गया।

Advertisement

आपको बता दे की राजा ढले ने अस्सी के दशक का  क्रांतिकारी आन्दोलन  ‘दलित पैंथर’ में बड़ी अहम् भूमिका निभाई थी, जिसने महाराष्ट्र के दलितों को ही नहीं, बल्कि वहां की राजनीति को भी प्रभावित किया था. इसी दलित पैंथर के गर्भ से मराठी दलित साहित्य का जन्म हुआ था. इससे पहले दलित शब्द का अस्तित्व तो था, पर वह प्रचलन में नहीं आया था।  इस क्रांतिकारी संगठन का निर्माण 29 मई 1972 को हुआ था।  

महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले ढाले ने अपने साथ के लोगों के साथ मिलकर 1972 में दलित पैंथर की स्थापना की थी। ये सभी लोग अमेरिका में अफ्रीकी अमेरिकियों के संगठन ब्लैक पैंथर से प्रभावित थे। इसके तर्ज पर ही इन्होंने अपनी पार्टी बनाई।

अपने सामाजिक व्यक्तित्व और साहित्यिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध राजा ढाले ने मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा क्षेत्र से 1999 और 2004 लड़ा था जिसमें उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ ही वह एक लेखक भी थे। उन्होंने अपने सामाजिक कार्यों तथा विचारों को लेकर कई किताबें भी लिखी हैं। 

राजा ढाले को विक्रोली के गोदरेज अस्पताल में ले जाया गया था। बुधवार को दोपहर 12 बजे से राजा ढले की का अंतिम संस्कार होगा। । अंतिम संस्कार उनके आवास से शुरू होगा और दादर चैत्यभूमी में जाकर सम्पूर्ण किया जायेगा। 


रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने राजा ढाले की निधन की खबर सुनते ही अपनी संवेदना व्यक्त की।  रामदास आठवले ने कहा की राजा ढाले आंबेडकरवादी आंदोलन के एक मुख्य आंदोलनकारी थे।  आठवले ने राजा ढाले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved