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दक्षिण एशियाई में अमरीकी समूह ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान न देने की करी अपील, बताया सिद्धांतो के खिलाफ

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(image credits: al jazeera)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में यूनाइट अरब एमिरात में दौरा के दौरान उन्हें अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उन्हें भूटान में भी अवार्ड दिया गया। परन्तु हाल ही में बिल गेट्स द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए अवार्ड पर कुछ अमेरिकी लोगो ने नाराजगी जताई है। दरअसल दक्षिण एशिया में कुछ अमरीकी नागरिको के समूह ने बिल गेट्स से मोदी को दिया गया सम्मान वापस लेने को कहा है।

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हाल ही में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित करने का ऐलान किया था। नरेंद्र मोदी को यह सम्मान देश में स्वच्छ भारत अभियान शुरू करने के लिए दिया जाना है। केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बीते दिनों ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी और इसे भारतीयों के लिए गर्व की बात बताया था।

टेलीग्राफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन का कहना है कि ‘स्वच्छ भारत मिशन से पहले भारत में 50 करोड़ लोगों के पास शौचालय की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब अधिकतर के पास है। हालांकि फाउंडेशन ने ये भी कहा कि अभी लंबा रास्ता तय करना है।

आपको बता दें की प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी यात्रा के दौरान इस अवार्ड को प्राप्त करेंगे। लेकिन उससे पहले ही इस अवार्ड को न देने के लिए अपील की जा रही है। दक्षिण एशियाई देशों के एक समूह ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को यह अवॉर्ड ना देने की अपील की है। उनका कहना है कि पीएम मोदी को सम्मान देना बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सिद्धांतों के खिलाफ है, क्योंकि फाउंडेशन का मिशन है कि यह हर किसी को समान मानती है।

पत्र में बताया गया है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अल्पसंख्यकों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं हो रहा है। इसके साथ ही मोदी सरकार में जम्मू कश्मीर में बीते एक माह से ज्यादा समय से जारी प्रतिबंधों को लेकर भी चिंता जाहिर की गई है। पत्र के अनुसार, फाउंडेशन को मानवाधिकारों के उल्लंघन को नहीं भूलना चाहिए और परोपकारी कामों में लगी संस्थाओं खासकर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को तो ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। बता दें की पत्र लिखने वाले सभी लोग अलग-अलग सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए हैं।


देखा जाये तो बीजेपी सरकार के नेतृत्व में देश के मौजूदा हालातो से सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी लोग जागरूक है। इसी कारण भारत के बाहर भी लोग मौजूदा सरकार से नाराज दिख रहे हैं। खैर अब देखना यह होगा की मौजूदा सरकार इस पत्र पर अपनी क्या राय व्यक्त करती है।

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