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व्हिसलब्लोअर ने दावा किया- केंद्रीय मंत्री हरिभाई ने 2 करोड़ की घूस ली; डोभाल पर भी सीबीआई में दखलंदाजी के आरोप

Cbi

सीबीआई रिश्वतखोरी विवाद में व्हिसलब्लोअर सतीश बाबू सना ने मोदी सरकार में केंद्रीयमंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी पर दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। सना ने भास्कर की गुजराती साइट दिव्यभास्कर डॉट कॉम से बातचीत में यह खुलासा किया। सीबीआई एक एक अफसर मनीष कुमार सिन्हा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जिसमे हरिभाई के रिश्वत लेने का जिक्र किया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर सीबीआई की कार्रवाई में दखलंदाजी का आरोप लगाया। हरिभाई बनासकांठा से सांसद और कोयला व खनन राज्यमंत्री हैं। 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें गृह राज्य मंत्री बनाया गया था।

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सतीश सना हैदराबाद का बड़ा कारोबारी है जो सीबीआई के पूरे रिश्वतखोरी विवाद में व्हिसलब्लोअर है। सना का हैदराबाद में नाईट क्लब है और 14 अलग-अलग कंपनियों में निदेशक है। सना का नाम मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के खिलाफ हवाला मामले की जांच के दौरान सामने आया था। नंबर-2 अफसर राकेश अस्थाना मोइन कुरैशी मामले की जांच सीबीआई कर रहे थे। सतीश बाबू सना ने अस्थाना पर तीन करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे।

सना ने जब राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए तो सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने इस केस को आईपीएस अफसर मनीष कुमार सिन्हा को सौंप दिया । इसके बाद अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जब अस्थाना ने आलाेक वर्मा पर ही रिश्वतखोरी के आरोप लगाए तो वर्मा और अस्थाना, दोनों को केंद्र ने छुट्टी पर भेज दिया। सीबीआई के अंतरिम चीफ बनाए गए नागेश्वर राव ने कई अफसरों के तबादले कर दिए । इनमें अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे सिन्हा भी शामिल थे, जिन्हें दिल्ली से नागपुर भेज दिया गया।

अचानक हुए ट्रांसफर के चलते सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को याचिका दायर की। वकील सुनील फर्नांडीज के जरिए दाखिल याचिका में सिन्हा ने यह आरोप लगाए कि उनका तबादला इसलिए किया गया, क्योंकि उनके द्वारा की जा रही जांच में कुछ ताकतवर लोगों के खिलाफ सबूत सामने आए थे। सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट से तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए कहा- ‘‘मेरे पास ऐसे दस्तावेज हैं, जो आपको चौंका देंगे।’’ अदालत ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि हमें कोई चीज चौंका नहीं सकती।

सिन्हा की याचिका के मुताबिक, ‘सना ने पूछताछ में दावा किया कि जून 2018 के पहले पखवाड़े में हरिभाई चौधरी को कुछ करोड़ रुपए दिए गए। हरिभाई ने कार्मिक मंत्रालय के जरिए सीबीआई जांच में दखल दिया था।” सीबीआई डायरेक्टर इसी मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं। याचिका में यह कहना है की ‘‘हरिभाई को रकम अहमदाबाद में विपुल के जरिए दी गई। सना ने 20 अक्टूबर को ही पूछताछ के दौरान ये तथ्य बताए थे। इसकी जानकारी तुुरंत सीबीआई डायरेक्टर और एडिशनल डायरेक्टर को दी गई।’’


दिव्य भास्कर डॉट कॉम ने सिन्हा की याचिका में केंद्रीय मंत्री हरिभाई का जिक्र होने पर सतीश सना से जब सवाल किए तो सना ने रिश्वत की रकम का खुलासा किया। सना ने कहा कि सीबीआई अफसर सिन्हा ने अपनी याचिका में जो कहा है, वह बिल्कुल सही है। एक केस खत्म करने के लिए हरिभाई ने दो करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी।Cbi

सिन्हा ने दावा किया है की  20 अक्टूबर की दोपहर वे सीबीआई के डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार के ऑफिस और घर की तलाशी ले रहे थे। उस समय उनके पास सीबीआई निदेशक का फोन आया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निर्देश पर सीबीआई निदेशक ने तलाशी रोकने को कहा। इससे पहले, 15 अक्टूबर को अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। चीफ आलोक वर्मा ने 17 अक्टूबर को सीबीआई के एनएसए को इस बारे में बताया।’’ ‘‘उसी रात एनएसए ने अस्थाना से बात की।

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