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योगी सरकार ने लगाया ‘एस्मा’ राज्य विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संबद्ध महाविद्यालयों में हड़ताल करने पर प्रतिबंध

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(Image Credits: India Today)

लोकतंत्र में सभी नागरिको को अभिव्यक्ति की आजादी की दी गई है। जिससे की लोग अपने विचारों को दूसरे के सामने रख सके और समय आने पर सत्ता से सवाल से भी कर सके। परन्तु योगी सरकार में ऐसा नहीं है।

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ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योकिं उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) लागू करते हुए सभी विभागों और निगमों में हड़ताल पर अगले छह महीने तक के लिए पाबंदी लगा दी है। मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बीते 4 फरवरी की रात इस सिलसिले में अधिसूचना जारी किया है।

आइये सबसे पहले हम आपको (एस्मा) के बारे में बताते है। (एस्मा) जिसे आवश्यक सेवाएं रखरखाव अधिनियम भी कहते हैं। दरअसल (एस्‍मा) हड़ताल को रोकने के लिए लगाया जाता है। एस्‍मा लागू करने से पूर्व इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्‍य माध्‍यम से सूचित किया जाता है।

एस्‍मा का नियम अधिकतम 6 महीने के लिए लगाया जा सकता है। इस कानून के लागु होने के बाद यदि कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध‍ एवं दण्‍डनीय होगा, और उस व्यक्ति को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

बता दे की योगी सरकार द्वारा एस्मा को इसके अधिकतम अवधि 6 महीने के लिए लगाया गया है। अगर इस कानून की अवधि 1 साल भी होती तो योगी सरकार इसे पूरे 1 वर्ष के लिए भी लगाने से पीछे नहीं हटती।


इस अधिसूचना के मुताबिक राज्य के कार्यकलापों से संबंधित किसी भी लोकसेवा, राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी निगम या स्थानीय प्राधिकरण में हड़ताल पर एस्मा-1966 की धारा तीन की उपधारा एक के तहत अगले छह माह तक के लिए प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।

एस्मा कानून के तहत डाक सेवाओं, रेलवे, हवाई अड्डों समेत विभिन्न आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल किए जाते हैं। एस्मा लागू होने के दौरान होने वाली हड़ताल को अवैध माना जाता है।

सरकार की अधिसूचना में कहा गया है की एस्मा कानून को यह प्रतिबंध जनहित के लिए लागू किया गया है। किन्तु हमे ये समझ नहीं आता की लोगो को सवाल पूछने से मना कर देना किस प्रकार जनहित कहलाएगा ।

योगी सरकार ने इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के तहत स्थापित किए गए राज्य विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संबद्ध महाविद्यालयों में जून 2019 तक हड़ताल को प्रतिबंधित कर दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, योगी सरकार ने यह फैसला 6 फरवरी को कुछ सरकारी संगठन द्वारा पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग को लेकर किये जाने वाले हड़ताल को रोकने के लिया गया है। .

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