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नसीरुद्दीन शाह ने देश के हालात पर चिंता जताते हुए कहा- धर्म के नाम पर नफरत की दिवार खड़ी की जा रही है

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(Image Credits: News18.com)

देश के मौजूद हालात पर एक बार फिर चिंता व्यक्त करते हुए बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि जिस तरह से धर्म के नाम पर नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है, वह किसी के लिए भी अच्छा नहीं है।  यह बयान एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया से बातचीत के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने दिया। एमनेस्टी ने नसीरुद्दीन शाह के बयानों को लेकर एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें उनका यह कहना हैं कि हमारे देश का संविधान हमें बोलने, सोचने, किसी भी धर्म को मानने और इबादत करने की आजादी देता है। लेकिन, अब देश में मजहब के नाम पर नफरतों की दीवार खड़ी की जा रही है। जो लोग इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें इसकी सजा दी जाती है।

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नसीरुद्दीन शाह ने कुछ दिन पहले एक बयान दिया था जिसमे कहा गया कि जिस तरह से देश में हालात होते जा रहे हैं ऐसे में उन्हें भी यह डर सताने लगा है कि कल कहीं उनके बच्चों को भी कोई हिंदू और मुसलमान बताकर मार न दें। नसीरुद्दीन शाह के इस बयान के चलते जमकर बवाल हुआ था।  शुक्रवार को जारी किये गए इस वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि इस देश में कलाकार, अभिनेता, शोधार्थियों, कवियों सभी को दबाया जा रहा है।

पत्रकारों को भी चुप कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है और यहां अपना मत रखने का सबको एक समान अधिकार है। एमनेस्टी के 2 मिनट से ज्यादा जारी किये गए इस वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि जिन लोगों ने मानवाधिकारों की मांग की उन्हें जेल में डाला जा रहा है। उनका दावा है की धर्म के नाम पर नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है। निर्दोषों को बेवजह ही मारा जा रहा है।

नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि जो कोई भी इस अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है उसे चुप कराने के लिए उनके कार्यालयों में छापे मारे जाते हैं, लाइसेंस रद्द किए जाते हैं और बैंक खाते फ्रीज किए जाते हैं ताकि वे सच ना बोलें। नसीरुद्दीन का कहना है कि मौजूदा समय में देश में सिर्फ अमीर और शक्तिशाली लोगों की ही बात सुनी जाती है।  आम जनता से जुड़े मुद्दों और समस्या पर कोई भी बात करने को तैयार नहीं है।


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