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अस्पताल में योगी के दौरे पर DM ने पत्रकारों को किया कमरे में बंद

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(image credits: Patrika)

एक तरफ बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के कारण SKMCH अस्पताल में प्रशासन सरकार को लोगो का कितना ख्याल है उसकी पोल खुल गई थी। नितीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था बिहार में बेहद चिंताजनक स्थिति में है।

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अस्पतालों में सुविधाओं की व्यवस्था को देखते हुए मीडिया ने लगतार नितीश सरकार और अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए थे जिसके कारण ही मुख्यमंत्री नितीश कुमार मीडिया के दबाब में आकर ही अस्पताल के दौरे पर पहुंचे। मीडिया की भागीदारी बेहद अहम मानी जाती है क्यूंकि मीडिया का काम होता है लोगो तक खबरों की सच्चाई को दिखाना वही अब उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है यहाँ योगी राज में मीडियाकर्मियों को ही एक कमरे में बंद कर दिया गया ताकि सच्चाई ना दिखाई जा सके।

बता दे की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को मुरादाबाद के दौरे पर थे, जहां उन्होंने सरकारी अस्पतालों में लोगों को मिल रही सेवाओं का जायजा लेना था, लेकिन इस दौरान खामियों को छुपाने के लिए जिला प्रशासन ने जो कदम उठाया उसको लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद के जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान वहां कई स्थानीय पत्रकार भी पहुंचे लेकिन उन्हें कवरेज से रोक दिया गया। पत्रकारों का आरोप है कि मुरादाबाद के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के आदेश पर दर्जनों मीडिया कर्मियों को इमर्जेंसी वॉर्ड में बंद कर दिया गया, ताकि वे मुख्यमंत्री से हॉस्पिटल की अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल न पूछ सकें।

ऐसा ही मामला मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल में देखने को भी मिला था जहा एक समय के बाद पत्रकारों को मुख्यमंत्री नितीश कुमार के दौरे के दौरान अस्पताल में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। इस पूरे मामले मुरादाबाद जिले के डीएम राकेश कुमार सिंह यह सफाई दे रहे है की , मीडियाकर्मियों को इमर्जेंसी वॉर्ड में बंद किए जाने की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा, ‘हॉस्पिटल वॉर्ड में 35-40 मीडियाकर्मी आ गए थे। अगर इतनी बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों को वॉर्ड में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ जाने दिया जाता तो इलाज करा रहे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता। इसलिए उन्हें इमर्जेंसी कॉरिडोर में रोक दिया गया था।

सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए गए मुख्यमंत्री योगी की योजना में पत्रकारों से बातचीत का कार्यक्रम नहीं था। देखा जाए तो अस्पताल में 20 से 30 मीडियाकर्मी मौजूद थे। भले ही प्रशासन की ओर से यह सफाई दी जा रही है की इतनी बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों के आने से अस्पताल में इन्फेक्शन फैलने का डर था वही दूसरी ओर मुख्यमंत्री के मौजूद इतने पत्रकारों में से किसी के साथ बातचीत नहीं करी ताकि योगी सरकार में भी अस्पतालों की पोल न खुल जाए। वही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर मीडिया की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘पत्रकार बंधक बनाए जा रहे हैं, सवालों पर पर्दा डाला जा रहा है, समस्याओं को दरकिनार किया जा रहा है।


प्रचंड बहुमत पाने वाली उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार जनता के सवालों से बच रही है। नेताजी ये पब्लिक है, ये सब जानती है। सवाल पूछेगी भी और जवाब लेगी भी.’ कांग्रेस की पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी महासचिव ने मीडिया की एक खबर को भी टैग किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुरादाबाद के दौरे के दौरान पत्रकारों को कमरे में बंद कर दिया गया।

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