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मिड-डे-मील का हाल, योगी राज में स्कूल के बच्चे नमक-रोटी खाने को मजबूर

(image credits: free press journal)

यूपी में भाजपा सरकार होने के बाद भी कई ऐसे मामले सामने आते है जिसे सुन कर यह लगता है की यूपी में हालात पहले से ज्यादा ख़राब है। चाहे वह किसी की सुरक्षा से जुड़ा मामला हो या फिर शिक्षा से जुड़ा कोई मामला हो।  योगी अपनी सरकार की चाहे कितनी भी बढ़ाई करे परन्तु यह कहना गलत नहीं होगा की यूपी में अभी भी ऐसे मुद्दे है जिन्हे सुलझाया नहीं जा सका है।

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देश के पीएम नरेंद्र मोदी अक्सर पढाई और छात्रों को महत्त्व देते है। यहाँ तक की स्कूलों के लिए स्कीमे भी निकाली परन्तु वह धरी की धरी रह गई। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यूपी के स्कूलों के लिए कई योजनाए चलाई परन्तु उनका फायदा होता नहीं दिख रहा। 

योजना के तहत यूपी के सरकारी स्कूलों में बच्चो को मिड-डे-मील भोजन दिया जाता है। परन्तु इस मिड-डे-मील भोजन में आखिर बच्चो को क्या दिया जा रहा है ? सिआसत खबर के अनुसार यूपी में योगी सरकार की लापरवाही सामने आई है। 

यूपी के मिर्ज़ापुर के अहरौरा के हिनौता में स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिड-डे-मील भोजन में नमक और रोटी परोस दिए जाने का मामला सामने आया है।  जबकि सरकार की तरफ से बच्चों को खाने के लिए चार्ट बनाकर हफ्ते में अलग अलग प्रोटीन युक्त भोजन देने की कवायद है जिसके लिए लाखों का बजट दिया होता है।

जिले के सीयूर गांव के हेड मास्टर और उनके साथ के अधिकारी स्कूलों में चार्ट के हिसाब से भोजने देने की बस कागज पर कार्यवाही करते हैं। बच्चों को खाने में प्रोटीन युक्त भोजन देने का चार्ट है, लेकिन हैरान करने वाली बात ये  है कि बच्चों को रोटी के साथ सब्जी, दाल, दूध या फल के बजाय सिर्फ रोटी नमक परोसा गया।


अगर इसकी जांच खुफिया कैमरे से कराई जाए तो हकीकत सामने आ जायेगी की कितनी लापरवाही के साथ कार्य हो रहा है। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की केवल मिड डे मील योजना के नाम पर हेड मास्टर, एबीएसए, एमडी, आरसी व शिक्षा मित्रों व प्रधान मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अधिकारी केवल मूकदर्शक बने हैं। यह खेल जिले के लगभग ज्यादातर सरकारी स्कूलों में चल रहा है।

देखा जाए तो योगी सरकार इतनी लापरवाह नजर आ रही है की उनके नाक के निचे ऐसा काम किया जा रहा है और सरकार को कानोकान खबर नहीं। ऐसा क्यों है की योगी सरकार हालातो को देखते हुए भी उसे नजर अंदाज कर रहे है। बड़े अधिकारी सिर्फ कार्यवाही के नाम पर नजरे फेरते दीखते है। 

बीएसए प्रवीण तिवारी ने बताया कि इस मामले की जानकारी है और कार्यवाही की जा रही है। कार्यवाही का आश्वासन देकर बीएसए प्रवीण तिवारी ने अपना पल्ला झाड़ लिया।

बच्चो की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य के साथ यह एक खिलवाड़ है, जिसे मिल के सभी बड़े अधिकारी खेल रहे है। जहाँ सरकार ने लाखो रूपए मिड डे मिल में लगाए वहीँ अच्छे खाने की बजाय बच्चो को सिर्फ नमक रोटी परोसा जा रहा है। 

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