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रामविलास पासवान ने मायावती के नाम के आगे नहीं लगाया ‘बहनजी’, बसपा सांसद भड़क उठे, बोला- अदब से लें नाम

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(Image Credits: Moneycontrol)

राज्यसभा में सवर्णो को आरक्षण देने सम्बन्धी संविधान बिल पर चर्चा के दौरान अलग अलग राजनीतिक दलों के सांसदों ने अपने-अपने विचार सदन में रखे। लेकिन चर्चा के वक्त लोकजन शक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान और बहुजन समाज पार्टी के सांसद सतीश चंद्र मिश्र के बीच तकरार हो गई।

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दरअसल बात यह है कि एलजेपी सुप्रीमो रामविलास पासवान अपनी जगह से खड़े होकर अपनी बात रख रहे थे और इस दौरान उन्होनें बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम लिया। मायावती का नाम लेते वक्त रामविलास पासवान ने मायावती के नाम के आगे बहन जी नहीं लगाया।

रामविलास पासवान की यह बात सदन में मौजूद बसपा के सांसद सतीश चंद्र मिश्र को रास नहीं आई। सतीश चंद्र मिश्र ने बीच में ही रामविलास पासवान को टोकते हुए कहा कि, ‘मान्यवर मैं आपसे निवेदन करना चाहूंगा कि जो सदन में नहीं हैं उनका नाम ले रहे हैं तो जरा अदब से नाम लें। श्रीमान आपको मालूम होना चाहिए की बहन मायावती जी…और अगर आप इस तरह से बात कर रहे हैं तो जरा सोच समझ कर बात करिए।’

इस बात पर रामविलास पासवान ने दो बार सॉरी-सॉरी कहा। परन्तु इसके बाद सतीश चंद्र के समर्थन में विपक्ष पार्टी के सदस्य अपनी सीट के पास खड़े होकर सदन में हंगामा करने लगे। इस पर रामविलास पासवान ने कहा कि मेरी प्यारी बहन मायावती जी।

इस पर फिर सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि उनके कारण आप यहां बैठे हुए हैं। इसपर रामविलास पासवान ने कहा की ठीक है।


रामविलास पासवान ने आगे कहा कि मैं यह कहना चाहता हूँ कि मैं एमएलए बना था सयुंक्त सोशलिस्ट पार्टी से साल 1969 में और यह रिकार्डेड है और यह पचासवां साल है। अब भी यदि इसके बाद कोई यह कहता है कि फलां के कारण से मैं राजनीति में आया तो मैं इस विषय में कुछ नहीं कह सकता हूँ।

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