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बाढ़ पीड़ितों के लिए शरद पवार ने लगाई गुहार, मोदी से फोन पर कही यह बात

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(image credits: firstspot)

भारत के अधिकतर क्षेत्र बाढ़ से पीड़ित है। लोगो को बाढ़ की वजह से अपनी जमीने छोड़ कर जानी पड़ रही है। केंद्र सरकार की कोशिशों के बाद भी लोगो तक मदद पहुँचाना मुश्किल हो रहा है। केंद्र सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद में थोड़ी ढिलाई बरत रही है जिस वजह से विपक्षी पार्टियां भी बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है। 

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इस समय बीजेपी सरकार अपनी कामयाबी का जश्न मनाने में लगी है जिस वजह से वह बाढ़ की स्तिथि को नहीं देख रहे। लोगो की मदद के लिए कोई बड़े कदम नहीं उठाये जा रहे है। 

महाराष्ट्र के भी कई जिले बीते कुछ दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है. बाढ़ से हुए नुकसान के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानि NCP प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार शाम पीएम मोदी से बात की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि कर्नाटक अलमाटी बांध से पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जिससे पश्चिमी महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित जिलों में जलस्तर कम हो सके। शरद पवार ने बताया कि मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह इस मामले में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। पश्चिमी महाराष्ट्र के पांच जिले बाढ़ की चपेट में हैं जहां 2.85 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं।

हालांकि मोदी सरकार अपने नए फैसले की कामयाबी की खुशियां मनाने में लगी है जिस वजह से बाढ़ पीड़ितों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा। जिस वजह से शरद पवार को लोगो की मदद के लिए देश के प्रधानमंत्री से बात करनी पड़ी। 


पवार ने कहा कि उन्होंने फोन पर मोदी से अनुरोध किया कि वह यह सुनिश्चित करें कि कृष्णा नदी पर बने अलमाटी बांध से कर्नाटक पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े ताकि महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर जिलों से बाढ़ का पानी जल्द से जल्द कम हो यह बांध कर्नाटक के नीचे की ओर स्थित है. गौरतलब है कि महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित सांगली जिले में बचाव कार्य में जुटी एक नौका के गुरुवार को एक जलाशय में पलट गयी जिससे कई लोग घायल हो गए। 

सांगली में हालात खराब हैं। बाढ़ का पानी डिस्ट्रिक्ट जेल में घुस गया। जेल में पानी भरने के बाद वहां बंद 360 कैदियों को हटाना पड़ा। इस आपाधापी का फायदा उठाते हुए 2 कैदी भाग गए। बाद में एक को पकड़ लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

स्थानीय प्रशासन के अलावा NDRF, सेना, वायुसेना, नेवी और गोताखोरों की टीम लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटी है। कोल्हापुर के रिहाइशी इलाक़ों में भी पानी भरा हुआ है। घरों से लेकर दुकान तक पानी में डूबे हुए हैं. सड़कें तालाब बनी हुई हैं। 

देखना यह है की बीजेपी कब अपने जश्न से दूर हट कर देश की जनता के बारे में सोचेगी। सरकार का यह फर्ज बनता है की वह देश के हर व्यक्ति की रक्षा करे और उनकी मदद करे। 

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