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ब्राह्मणों के चरित्र को बखूबी दिखाती फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग, ब्राह्मणों ने उठाया यह कदम

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(image credits: ndtv.com)

हाल ही में एक फिल्म जिसका नाम ‘आर्टिकल 15’ है उसका ट्रेलर रिलीज़ किया गया था जिसमे बदायूं में हुए दुष्कर्म वाली घटना पर यह फिल्म कथित रूप से आधारित है फिल्म के ट्रेलर में देखा जाए तो ब्राह्मणो के द्वारा दलितों पर किये जाने वाले अत्याचार को बखूबी दिखाया गया है। अब इस फिल्म ‘आर्टिकल 15’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है और लगातार ब्राह्मणों के द्वारा इस फिल्म पर रोक लगाए जाने की मांग की जा रही है। फिल्म में ब्राह्मणों को विलेन के रूप में दिखाने को लेकर एक तबके में गुस्सा है।

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अखिल भारतीय ब्रह्मण एकता परिषद द्वारा जातीय विद्वेष फ़ैलाने वाली फिल्म ‘आर्टिकल 15’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जहां पर अखिल भारतीय ब्रह्मण एकता परिषद ने फिल्म में ब्राह्मणों के प्रति इसे दुष्प्रचार का षड्यंत्र बताया है और ब्राह्मणों के चरित्र को ख़राब करने और सामाजिक सद्भावना को बिगाड़ने के लिए फिल्म निर्माताओं पर आरोप लगाया गया।

आपको बता दे की ‘आर्टिकल 15’ 28 जून को सिनेमा घर में रिलीज़ होगी। संविधान का 15वां अनुच्छेद ही आर्टिकल 15 है। संविधान के मुताबिक आर्टिकल 15 के अनुसार किसी भी व्यक्ति से धर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेद-भाव नहीं कर सकते हैं। राज्य, किसी नागरिक से केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर किसी तरह का कोई भेद-भाव नहीं करेगा। इस अनुच्छेद के अनुसार किसी नागरिक को केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के आधार पर किसी दुकान, सार्वजनिक भोजनालय, होटल और सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों जैसे सिनेमा और थिएटर इत्यादि में प्रवेश से नहीं रोका जा सकता है. इसके अलावा सरकारी या अर्ध-सरकारी कुओं, तालाबों, स्नाघाटों, सड़कों और पब्लिक प्लेस के इस्तेमाल से भी किसी को इस आधार पर नहीं रोक सकते हैं।

यह अनुच्छेद किसी भी राज्य को महिलाओं और बच्चों को विशेष सुविधा देने से नहीं रोकेगा, इसके अलावा यह आर्टिकल किसी भी राज्य को सामाजिक या शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई विशेष प्रावधान बनाने से भी नहीं रोकेग यह सभी बाते संविधान का 15वां अनुच्छेद यानी “आर्टिकल 15” में कही गई है पर आज समाज का एक वर्ग इस समाज के सबसे बड़े तबके को प्रताड़ित कर इस अनुच्छेद का उलंघन करता आया है।

अनुभव सिन्हा के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘आर्टिकल 15’ में मुख्य भूमिका में आयुष्मान खुराना हैं। फिल्म कथित तौर पर बदायूं घटना पर आधारित है इसमें भीम आर्मी और चंद्रशेखर आज़ाद की भूमिका को भी दिखाया गया है । आपको बता दे की 27 मई 2014 को उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के कटरा सआदतगंज गांव की घटना ने पिछड़ी जाति शाक्य की दो बालिकाओं के साथ हुए दुष्कर्म और उसके बाद उनको पेड़ से लटका दिया गया था।


इस फिल्म को उत्तर प्रदेश में रिलीज़ ना होने देने के लिए ब्राह्मणो द्वारा लगातार कोई न कोई प्रदर्शन किया जा रहा है। इस फिल्म ने कही न कही सवर्ण समाज को एक आईना दिखाने का काम किया है और सवर्ण समाज के द्वारा लगाकर किये जाने वाले दलितों पर अत्याचार को इस फिल्म के जरिये बखूबी देखा जा सकता है।

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