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दिल्ली में बीजेपी के मंच पर भिड़ गईं 3 महिला पार्षद और उनके पति, विधायक ने लगाया यह आरोप

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(image credits: inkhabar)

प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपने पार्टी में नेताओं के बीच अनुसाशन रखने की बाते करते है। परन्तु ज्यादातर समय बीजेपी के नेताओं द्वारा ही विवादित बयान देने का मामला सामने आता है। इसके साथ ही कभी कभी पार्टियों के नेताओ के बीच भी आपसी टकराव देखने को मिलता है। उत्तर प्रदेश में संतकबीर नगर से बीजेपी विधायक और पार्टी सांसद के बीच हुई कहासुनी इसी का ही एक उदाहरण है।

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इसी तरह पार्टी नेताओं के बीच बिगड़ते अनुसाशन का एक और मामला सामने आते दिख रहा है। इस बार खबर दिल्ली से है जहां बीजेपी के स्थानीय नेताओं के बीच टकराव देखने को मिला। जिसके कारण पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को शर्मशार होना पड़ा। इसके साथ ही पार्टी में अनुशासन की भी पोल खुल रही है।

मामला किराड़ी का है जहाँ इसी घटना के कारण पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को बिना बोले ही मंच छोड़कर जाना पड़ा। हालांकि पार्टी नेताओं ने इसकी शिकायत शीर्ष नेतृत्व से की है। यह घटना इसलिए भी खास हो जाती है की, क्यूंकि आने वाले कुछ ही महीनो में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने को है।

दिल्ली के किराड़ी क्षेत्र के निहाल विहार में पार्टी की ओर से एक सभा का आयोजन किया गया था। इसमें दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को बोलना था। सभा शुरू होने पर मंच पर मुबारक डबास की पार्षद और पार्टी की महिला मोर्चे की अध्यक्ष पूनम और उनके पति व किराड़ी से बीजेपी के पूर्व विधायक अनिल झा सतीश उपाध्याय का स्वागत करने के लिए उठे। तभी किराड़ी सुलेमान नगर की पार्षद उर्मिला चौधरी, निठारी की पार्षद सोना चौधरी और उनके पति पूर्व जिला महामंत्री रंजीत चौधरी ने उन्हें रोक दिया।

इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई और जब बात आगे बड़ी तो एक दूसरे द्वारा अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। वही इसके बीच पूर्व विधायक अनिल झा ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। आरोप लगाया की उनके कपड़े और बाल तक खींचे गए। इसके बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय बिना संबोधित किए मंच से चले गए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से शिकायत की बात कही।


यह यहाँ देखने वाली बात यह है की जब मौजूदा सरकार में कुछ लोग आपस में ही एक दूसरे के साथ इस प्रकार का व्यवहार करेंगे। तो वह किस प्रकार जनता की समस्याओ का समाधान करेंगे। खैर अब देखना यह होगा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय द्वारा किये जाने वाले शिकायत पर बीजेपी हाई कमान किस प्रकार प्रतिक्रिया करेंगा।

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