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BJP विधायक आकाश विजयवर्गीय को मिली जमानत, बाहर आने के बाद कहा- मुझे कोई मलाल नहीं

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(image credits: Scroll.in)

आखिरकार नगर निगम के कर्मचारी के साथ हाथा-पाई करने करने वाले आकाश वर्गीय को अदालत ने जमानत दे दी। बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय को बल्लेबाजी करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। जी हाँ बल्लेबाजी, परन्तु आकाश वर्गीय ने गेंद को निशाना न बनाते हुए नगर निगम के अधिकारी को धोना शुरू कर दिया था। हालांकि उन्हें अब जमानत मिल चुकी है।

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बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय ने NDTV को इंटरव्यू दिया। आकाश को शनिवार को भोपाल की विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी। उन्हें रविवार सुबह 10 बजे जेल से रिहा किया जाना था लेकिन कानून व्यवस्था की स्थिति ना बिगड़े इस वजह से आकाश को जल्दी छोड़ दिया गया। नगर निगम के कर्मचारी पर बल्ले का इस्तेमाल करने की वजह से आकाश चर्चा में हैं। आकाश ने अपने बचाव में कई तर्क पेश करते हुए NDTV को बताया, ‘हमारा मिशन लोगों के जीवन में सुख और समृद्धि लाना और महिलाओं-गरीबों के सम्मान के लिए प्रयत्न करना है। इसके लिए हम अब खुलकर काम कर सकते हैं।

आकाश ने विवादित घटनाक्रम के बारे में बताया की, ‘जब मैं वहां पहुंचा तो पहले मेरी बात नगर निगम के अधिकारियों से हो गई थी कि उस मकान में बहुत गरीब परिवार रहता है, विकलांग महिला रहती है। उनकी अभी दूसरी कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए अभी के लिए वो अपनी कार्रवाई टाल दें। उन्होंने मुझसे कहा कि हम इसे टाल देंगे। लेकिन अगले दिन वो वहां पहुंच गए। जब मैंने अपने लोगों को वहां भेजा तो मुझे पता लगा कि ये लोग मान नहीं रहे हैं और महिलाओं को घसीटकर बाहर निकाल रहे हैं। एक पक्षपाती अधिकारी विकलांग महिला की टांग खींच रहा था और घर से घसीटकर बाहर निकाल रहा था। जब मैं वहां पहुंचा तो मुझसे ये देखा नहीं गया और ये सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा था क्योंकि नगर निगम जब भी गैंग लेकर कहीं जाता है तो पुलिस की सुरक्षा में जाता है।

हालांकि अभी इस घटना की पूरी जांच नहीं हुई है इस लिए साफ़ तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता की आखिर गलती किसकी है। परन्तु इस घटना से यह पता चलता है की बीजेपी के विघायक गुस्से में कुछ भी कर सकते है। शायद इसी गुस्से में अपना आपा खोने के बाद आकाश ने बल्ले से नगर निगम के अधिकारी के साथ हाथा-पाई की। जाँच होने के सवाल पर भी आकाश ने अपनी सफाई दी।

आकाश ने कहा, ‘जब मुझे जेल हुई थी उस दिन मेरी SSP से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि हम 2-3 दिन में इस पर जांच करेंगे। और अब मैं फ्री होते ही एसएसपी से बात करूंगा कि उन्होंने क्या किया है और पूरा प्रयास करेंगे कि दोषी को सजा मिले जिससे भविष्य में किसी दुराचारी के दिमाग में इस तरह से महिला का अपमान करने का विचार ना आए।’


NDTV ने आकाश से सवाल किया की, क्‍या आपको अफसोस है कोई मन में कि इस तरह की घटना हो गई, क्‍योंकि एक तरफ क्रिकेट वर्ल्‍ड कप की चर्चा और दूसरे तरफ आपके बैट की चर्चा हो रही थी? कई मीम भी बने इस बारे में।

परन्तु आकाश अपनी गलती मानने को तैयार नहीं थे और उन्होंने जवाब दिया की- जी, जो मैंने किया उसके लिए मुझे बिल्‍कुल भी मलाल नहीं है क्‍योंकि मैंने बहुत सोच समझकर जिम्‍मेदारी के साथ किया। अगर मैं वो नहीं करता, उन्‍हें खदेड़ता नहीं वहां से तो 5 मिनट बाद उस महिला की इज्‍जत भी चली जाती और वो मकान भी उसका चला जाता।

आकाश विजयवर्गीय अपनी टीम के साथ पूरी तैयारी के साथ आये थे। एक सवाल यह उठता है की भला कोई विधायक अपने साथ बल्ला क्यों लेकर घूमेगा ? इस पर भी NDTV ने सवाल किया और आकाश ने अपना बचाव करते हुए कहा की, हमे खबर मिली थी और हम पूरी तैयारी के साथ गए।

NDTV ने एक के बाद आकाश विजयवर्गीय से तीखे सवाल पूछे परन्तु अपनी गलती को छुपाने और अपने बचाव में उन्होंने कई पक्ष सामने रखे। इससे यह बात तो साफ़ होती है भले ही समस्या कोई भी हो बीजेपी विधायक को कानून हाथ में लेने से कोई नहीं रोक सकता। यही नहीं जेल से बाहर आने के बाद आकाश का बड़े अच्छे से स्वागत किया गया।

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