fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

मायावती अगर दलितों का हित चाहती हैं तो बीजेपी के साथ आएं: रामदास अठावले

If-Mayawati-wants-the-benefit-of-Dalits-then-come-with-BJP:-Ramdas-Athawale
(Image Credits: Abhay India)

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और आधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि अगर मायावती दलितों का हित चाहती हैं तो बीजेपी के साथ आएं। सपा बसपा गठबंधन पर सवाल उठाते हुए अठावले ने कहा कि मायावती दलितों की बड़ी नेता हैं और वो पहले भी भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।

Advertisement

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने रविवार को लखनऊ में वीवीवाईपी गेस्ट हाउस में समाज कल्याण, पिछड़ावर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव एवं अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करी। बैठक में केंद्र एवं उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुँचाने के निर्देश भी दिए गए।

इसके बाद अठावले ने अपने पार्टी के नेताओं के साथ भी बैठक की. मीडिया से बातचीत के दौरान आठवले ने अयोध्या में राममंदिर के साथ ही बुद्ध मंदिर भी बनवाने की मांग रखी। अठावले ने कहा कि वे जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी से दामोदर वैली का नाम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने और 128 फीट की प्रतिमा लगाने की मांग करेंगे। आठवले ने बीजपी की महिला विधायक के द्वारा मायावती पर दिए गए अभद्र टिप्पणी के मामले में भी बोला। उन्होंने कहा कि उन पर ऐसी टिपप्णी नहीं करनी चाहिए, इससे बीजेपी की छवि खराब होगी।

उन्होंने कहा कि गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत का आरक्षण देकर प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने ममता बनर्जी के बारे में कहा की उनकी कोलकाता में की गई रैली तो बड़ी थी मगर इस रैली में पहुंचे सभी नेताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ भाषण दिया था, जिससे यह साबित होता है कि नरेंद्र मोदी के बारे में इन सभी नेताओं के मन मे भय पैदा हुआ है। पीएम मोदी बहुत बहादुर नेता हैं। वो जनहित से जुड़े और अच्छे निर्णय लेने वाले हैं।

अठावले ने कहा कि मायावती का हम सम्मान करते हैं। लेकिन उन्हें भाजपा पर आरोप लगाने से पहले ये सोचना चाहिए कि वो 3 बार बीजेपी के सहयोग से ही मुख्यमंत्री बनी है. जब सत्ता चाहिए थी, तब बीजेपी जातिवादी नहीं थी, लेकिन अब बीजेपी जातिवादी हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर मायावती दलितों का हित चाहती हैं तो अभी भी बीजेपी के साथ आ जाना चाहिए। सपा-बसपा-आरएलडी के साथ-साथ कांग्रेस के भी साथ खड़े होने पर उत्तर प्रदेश में कुछ बदलने वाला नहीं है।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने एजेंडे में राम मंदिर के साथ-साथ मस्जिद भी लेकर आएगी लेकिन अगर फिर भी कांग्रेस सिर्फ राम मंदिर को अपने एजेंडे में शामिल करती है तो भी विहिप को उसके समर्थन का बयान नही देना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राम वाले बयान, राम को छोड़ने वाले को राम बेसहारा कर देते हैं, पर अठावले ने कहा कि राम का नाम छोड़ने की वजह से ही सपा-बसपा बेसहारा हो गए हैं। दलित वोटों पर अभी तक तो सबसे बड़ा अधिकार मायावती का ही है लेकिन हमारी रिपब्लिकन पार्टी की कोशिश है कि हम अपना विस्तार कर अपने दलित वोट बैंक को भी बढ़ाए।

उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी से वार्तालाप की थी कि अगर 80 सीट में से 2 से 3 सीट अगर आरपीआई को यूपी में दी जाती है तो हम दलित वोट का 50-50 फीसदी का बंटवारा कर देंगे। जिसका लाभ उत्तर प्रदेश में बीजेपी को ही होगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved