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दलित समुदाय के बीच ज्यादा से ज्यादा पहुंच बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बनाई 35 सदस्यीय ‘टीम यूपी’

(News Credits: Free Press Journal)

प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों ने उत्तर प्रदेश की कमान संभाल ली है, प्रियंका गाँधी के पास पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान है तो वही ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास पश्चिमी उत्तर प्रदेश की।

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दोनों ही उत्तर प्रदेश के दलित समुदाय के बीच ज्यादा से ज्यादा पहुंच बनाने के लिए पार्टी ने 35 सदस्यीय ‘टीम यूपी’ बनाई है, पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की ओर से बनाई गई इस टीम ने कुछ दिनों पहले ही प्रियंका और सिंधिया के सामने अपना ‘ब्लूप्रिंट’ रखा और जल्द ही यह टीम उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर उतरने जा रही है.

कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन राउत ने कहा कि टीम यूपी मुख्य रूप से उन सीटों पर ध्यान देगी जहां दलित मतदाताओं की संख्या 20 फीसदी या इससे अधिक है. उन्होंने कहा, ‘पिछले दिनों हमने प्रियंका गांधी और सिंधिया दोनों को ब्लूप्रिंट सौंप दिया. और हम जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू कर देंगे.

राजनीति में उतरने के बाद सबसे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अपने मिशन-यूपी के तहत सोमवार को यानी आज पहली बार यूपी के दौरे पर आएंगी। प्रियंका के साथ उनके भाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान सँभालने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लखनऊ पहुंचेंगे।

वही प्रियंका गाँधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया उत्तर प्रदेश के इस चार दिन के दौरे के दौरान अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों के प्रमुख नेताओं से भी मिलेंगे. ‘टीम यूपी’ की अगुवाई अनुसूचित जाति विभाग के प्रवक्ता एसपी सिंह करेंगे. सिंह ने कहा, ‘हम प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों के साथ काम करेंगे. हमने करीब 40 ऐसी सीटों को चिन्हित किया है जहां दलित मतदाताओं की संख्या 20 फीसदी से ज्यादा है. इनमें 17 reserved सीटें भी शामिल हैं.’ उन्होंने कहा, ‘प्रियंका और सिंधिया की जनसभाओं और कार्यक्रमों में भी ज्यादा से ज्यादा दलित जनसंख्या शामिल को यह भी काम उन्हें सौपा गया है


जब प्रवक्ता एसपी सिंह से यह पूछा गया की क्या , कांग्रेस की इस पहल से सपा-बसपा गठबंधन को सीधा नुकसान नहीं होगा तो सिंह ने कहा, ‘यह गलत धारणा है सभी दलित वोट बसपा को मिलते हैं. उनके साथ आधे दलित वोटर जाते हैं, लेकिन बाकी दूसरे दलों के साथ चले जाते हैं. इसलिए इस पहल को गठबंधन को नुकसान पहुंचाने के प्रयास की दृष्टि से देखना पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा, हम उन वोटरों को अपने साथ लाने की कोशिश करेंगे जो पिछले चुनावों में किसी वजह से भाजपा की तरफ चले गए थे. हम दलित समाज को यह बताएंगे कि भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है और संविधान बदलना चाहती है.’

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