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सांसद महुआ मोइत्रा ने पत्रकार सुधीर चौधरी पर किया आपराधिक मुकदमा दर्ज़

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तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के संपादक सुधीर चौधरी पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि सुधीर ने लोगों में उनके बारे में गलत जानकारी का प्रसार किया। मोइत्रा ने कहा कि उनके भाषण फासीवाद के सात चिन्ह को चोरी का भाषण कहते हुए टीवी पर प्रसारित किया गया।

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खबर के मुताबिक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रीती परेवा ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी सुनवाई 20 जुलाई को तय की है. महुआ मोइत्रा का बयान भी इसी दिन दर्ज किया जायेगा। महुआ मोइत्रा ने 25 जून को संसद में फासीवाद पर भाषण दिया था, सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने भाषण में मोदी सरकार की सभी नाकामयाबियों को गिनवा दिया था। महुआ मोइत्रा ने संसद में अपने पहले ही भाषण से सत्ता पक्ष की बखिया उधेड़ दी थी।

जिसके बाद प्राइम टाइम पर आने वाले अपने कार्यक्रम में सुधीर चौधरी ने कहा था कि महुआ का भाषण मार्टिन लॉन्गमैन के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर लिखे गए लेख से ‘चुराया हुआ’ था। उन्होंने यह भी कहा था कि यह महुआ के अपने विचार नहीं थे बल्कि उन्होंने इसे ‘कॉपी-पेस्ट’ किया था। हालांकि यह दिलचस्प है कि खुद लॉन्गमैन ने उन दावों को खारिज किया कि मोइत्रा का भाषण उनके लेख से चोरी किया गया है. लॉन्गमैन ने बाकायदा ट्वीट कर लिखा कि भारत में एक भाषण पर एक सांसद को घेरे जाने के बाद मैं इंटरनेट पर फेमस हो गया हूं। दक्षिणपंथी हर जगह एक ही तरह के होते हैं।

महुआ के वकील शादान फरासत ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल ने बताया था कि उनका भाषण उस पोस्टर से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि पोस्टर में फासीवाद के 14 लक्षणों में से मोइत्रा ने 7 चुने और भारत के परिप्रेक्ष्य में उन्हें जोड़ा। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख दी।

इससे पहले महुआ मोइत्रा ने 4 जुलाई को लोकसभा में सुधीर चौधरी के खिलाफ गलत रिपोर्टिंग को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन इसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा खारिज कर दिया गया था। मीडिया को जारी बयान में महुआ ने कहा कि वे संविधान में दी गई अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें फेक न्यूज़ की ताकत का भी अंदाजा है।


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