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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पद को लेकर थपथपाई अपनी पीठ

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(image credits: Moneycontrol)

कांग्रेस को लोकसभा में बड़ी हार मिली है परन्तु इसके बावजूद कांग्रेस के में शामिल कुछ लोग अपने आप को सबसे बेहतर साबित करने में लगे है। खुद की तारीफ करके यह बताने की कोशिश की जा रही है की उनसे बेहतर कोई हो ही नहीं सकता।

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हाल ही में खबर सामने आयी है की राजस्थान के मुख्यमंत्री ने खुद की तारीफ़ करते हुए अपने आप को मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा दावेदार बताया और कहा की उनसे बेहतर कोई मुख्यमंत्री नहीं हो सकता। जी हाँ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह बयान सामने आया है जिसमे उन्होंने खुद की पीठ थपथपाई है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि मेरे सिवाय कोई और मुख्यमंत्री बनाया ही नहीं जा सकता था। उन्होंने अपने इस बयान से इशारों ही इशारों में सचिन पायलट पर भी निशाना साधा। जानकारी अनुसार अशोक गहलोत राजस्थान का बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर किसी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाना था तो वह सिर्फ अशोक गहलोत था कोई और नहीं. अशोक गहलोत के इस बयान को उनके व्यक्तित्व के उलट बताया जा रहा है।

दरअसल, अशोक गहलोत को शांत स्वभाव का नेता माना गया है और वह हर किसी विवाद से हमेशा बचते रहे हैं। लेकिन उनके इस बयान अब कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

साल 2018 में राजस्थान में कांग्रेस ने बीजेपी को हराकर राज्य में सरकार बनाई थी। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री के दौड़ में अशोक गहलोत के साथ-साथ सचिन पायलट भी थे। लेकिन बाद में कांग्रेस हाईकमान ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री का पद दिया था। इसके बाद ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था।


यह भी माना जा सकता है कि विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सचिन पायलट को राहुल गांधी ने ही मुख्यमंत्री के रेस से बाहर होने के लिए मनाया था। राहुल गांधी ने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि उस दौरान अशोक गहलोत ने राहुल गाँधी से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने का दावा किया था। लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राजस्थान में सभी 25 सीटें हार गई थी।

लोकसभा चुनाव में पार्टी को बुरी हार मिलने के बाद राजस्थान में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बहस शुरू हो गई थी। सचिन पायलट का खेमा इस हार के लिए अशोक गहलोत खेमे को जिम्मेदार ठहरा रहा था। पार्टी के ऐसे प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी भी नाराज दिख रहे थे। उन्होंने कहा भी था कि अशोक गहलोत सिर्फ जोधपुर सीट पर ही ध्यान केंद्रीत करते रह गए।

लोकसभा में हार के बाद भी कांग्रेसी अपनी पीठ थपथपा रहे है। ऐसा न हो आने वाले चुनाव में इसी प्रकार के रवैये से हार का सामना करना पड़े। देखा गया है अक्सर कई पार्टी के लोग इस प्रकार की बोली बोल कर अपने लिए ही मुसीबत मोड़ लेते है। देखना यह है की होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस का क्या प्रदर्शन रह है।

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