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राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को लगा एक और बड़ा झटका, पूर्व पर्यटन मंत्री उषा पुनिया ने कहा पार्टी को बाय-बाय

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राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में पार्टी को छोड़ने की तादाद बढ़ती जा रही है। पिछले तीन महीने के अंदर कई दिग्गज नेता कमल का साथ छोड़ चुके है। जिनमे से घनश्याम तिवाड़ी, मानवेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के बाद अब पूर्व मंत्री उषा पूनिया ने भी पार्टी को बाय-बाय कह दिया है। पूर्व मंत्री, विधायकों और वर्तमान एमएलए के इस रुख से भाजपा परेशान है।

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वसुंधरा राजे की पिछली सरकार में उषा पुनिया पर्यटन मंत्री रह चुकी है। उषा का मानना है की भाजपा  नेताओ को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विजय पुनिया  जाट समाज के कद्दावर नेता माने जाते है। भाजपा में उनका नाम जोड़-तोड़ के माहिर नेताओं में गिना जाता है। जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, जैसलमेर, सीकर समेत एक दर्जन जिलों के अलावा प्रदेश की 40 विधानसभा सीटों पर जाट समुदाय ही जीत का आधार तय करता है। ऐसे में उषा पूनिया का भाजपा छोड़ना भाजपा के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। राजस्थान में जाट समुदाय राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहा है।

पिछले दो महीने के अंदर राजस्थान में भाजपा  बड़े झटके लग चुके है। पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे और बीजेपी विधायक मानवेन्द्र सिंह ने बाड़मेर में लाखों लोगों की भीड़ के सामने भाजपा को बाय-बाय कर दिया। मौजूदा विधायक धनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी में रहते हुए नई पार्टी भारत वाहिनी बना ली। इसके बाद झुंझुनू जिले के नवलगढ़ से विधायक रहीं प्रतिभा सिंह ने भारतीय जनता पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।

प्रतिभा सिंह कांग्रेस के टिकट पर 2003 से 2008 तक नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं। लगातार दो बार हारने की वजह से उन्होंने भाजपा का साथ पकड़ा था। हालांकि मौजूदा विधायकों और पूर्व मंत्रियो  के पार्टी छोड़ने से ज्यादा चिंतित नहीं है। पार्टी का मानना है की आने वाले विधानसभा चुनाव में इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा पार्ट का ये भी कहना है कि पार्टी 180 प्लस सीटों के लक्ष्य के साथ चुनाव जीतकर रहेगी।

राजस्थान में  7 दिसंबर को वोटिंग होनी है और कांग्रेस भाजपा 200 सीटों पर किसे टिकट दे किसे नहीं, इसी माथापच्ची में लगी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि 160 मौजूदा विधायकों में 100 विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। ऐसे में नए चेहरों की तलाश पार्टी में काफी समय से हो रही है।


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