fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

क्या जेल जायेंगे किसान ? जानिए योगी सरकार का किसानो से किया झूठा वादा

Will-the-farmers-go-to-jail?-Know-the-false-promises-made-by-the-Yogi-government-to-the-farmers
(image credits: india tribune)

चुनाव के दौरान योगी सरकार ने किसानो की कर्ज माफी का वादा जरूर किया परन्तु जीत हासिल होने के बाद वह वादे सिर्फ ख़ाक में मिल कर रह गया। जी हाँ इस समय यूपी के किसान बड़ी मुसीबत में है, जहाँ वोट मांगने आये योगी सरकार के मंत्रियों ने कर्ज माफ़ी के नाम पर किसानो से वोट माँगा था वहीँ अब किसान कर्ज माफ़ी के झांसे में आने के बाद पछता रहे है।

Advertisement

योगी सरकार ने कहा था अगर वह जीत जाती है तो सभी किसानो का कर्ज माफ़ कर दिया जायेगा परन्तु यहाँ तो उल्टा ही नजारा देखने को मिल रहा है। बैंको से लिए गए लोन को किसानो को वापस चुकाना पड रहा है। अतिरिक्त पैसा न होने की वजह से किसानो को अपनी जमीन तक बेचैनी पड़ रही है। योगी सरकार के झूठे वादों की पोल एक बार फिर से खुल गयी है।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में चुनाव में किये गए Debt relief के वादे के झांसे में आना अब किसानो के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कर्जमाफी का वादा सुन बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों ने सहकारी बैंक से लिया कर्ज वापिस नहीं किया। किसानों की उम्मीद थी कि किये गए वादे के अनुसार उनका कर्ज माफ हो जाएगा। परन्तु ऐसा ना हुआ बैंको ने किसानो द्वारा लिया गया लोन वापिस लेने की मांग की। इसके चलते सभी किसान योगी सरकार से काफी नाराज़ है।

दूसरी और किसानो की कर्जमाफी का मामला सुनने के बाद अब योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामीण बैंक की तरफ से बांटे गए कर्ज की वापसी सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। आने वाले चुनाव को नजर में रखते हुए एक बार फिर योगी सरकार नए रास्ते अपना रही है। योगी सरकार ने इसके लिए अधिकारियों की एक टीम भी बना दी है। यह टीम सहकारी बैंक द्वारा किसानों को वितरित किए गए कर्ज की वापसी सुनिश्चित करेगी। इसके लिए कर्ज नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टर्स किसानों की संपत्ति जब्त करने के साथ ही उनकी नीलामी भी की जाएगी।

देखा जाए तो कर्ज माफी का वादा एक तरफा निकला जिसमे किसानो को कर्ज चुकाना ही पडेगा चाहे उन्हें अपनी पूरी संपत्ति क्यों न बेचैनी पड़े। योगी सरकार ने किसानो के साथ एक बार फिर से बड़ा धोका किया है। किसानो की संपत्ति को नीलाम करने के बाद भी अगर कर्ज पूरा नहीं होता है तो उसके लिए भी बैंक और योगी सरकार ने किसान को सताने के लिए रास्ता निकाला है।


नीलामी की राशि से कर्ज न चुक पाने की स्थिति में किसानों को गिरफ्तारी भी हो सकती है। करीब 100 किसानों को जून माह के अंत तक 7 करोड़ रुपये की राशि वापिस करनी है। अन्य 70 किसानों को जुलाई के अंत तक 4 करोड़ रुपये चुकाने है। टेलीग्राफ की खबर के अनुसार बैंक सूत्रों का कहना है कि बुंदेलखंडके चित्रकूट संभाग में चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और महोबा जिले में 2341 किसानों पर बकाया राशि 60.3 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

यूँ तो योगी सरकार खुद को किसानो का हितेषी बताते रहे है परन्तु इन बातो से पता चलता है की योगी सरकार ने किस प्रकार वोट के लिए किसानो को धोका दिया है। जहाँ गरमी और फसल ख़राब होने के चलते किसानो को काफी मुसीबते झेलनी पड़ रही है तो वही दूसरी और बैंक और सरकार के झूठे वादों से भी किसानो की हालत खराब हो रही है। ऐसे में सिर्फ संपत्ति को बेच कर ही वह खुद को बचा सकते है। यहाँ योगी सरकार की एक और बड़ी नाकामी और झूठे वादों की पोल खुल गयी है। आखिर किस तरह सिर्फ चंद वोटो के लिए किसानो का फायदा उठाया जा रहा है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved